Government should resolve farmers' issues: किसानों-बागवानों की समस्याओं का समाधान करे सरकार : अंकुश जिंटा

रोहड़ू। जिला महासू के प्रवक्ता अंकुश जिंटा ने प्रदेश सरकार से किसानों और बागवानों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प
रोहड़ू। जिला महासू के प्रवक्ता अंकुश जिंटा ने प्रदेश सरकार से किसानों और बागवानों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किसानों और बागवानों का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन वे कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जैसे कि सड़क, विपणन और आधारभूत सुविधाओं की कमी। जिंटा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों के कारण सेब सहित अन्य कृषि उत्पाद समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे किसानों और बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी सड़कों की मरम्मत के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए थे। कई स्थानों पर पुलों का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे बारिश के मौसम में नदी-नालों के पार फसलों का परिवहन बाधित होता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और संबंधित मंत्री से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। जिंटा ने एचपीएमसी से पिछली फसल सीजन के भुगतान, मशीनरी और अन्य आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराने की भी अपील की। उन्होंने सी-ग्रेड सेब की बिक्री के लिए बोरियों और कांटों की खरीद की निर्धारित सीमा बढ़ाने की मांग की। जिंटा ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था से किसानों और बागवानों को अनावश्यक परेशानी हो रही है। जिंटा ने जोर देकर कहा कि किसान और बागवान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं का समाधान ठोस और समयबद्ध कार्रवाई से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से बागवानी सीजन के मद्देनजर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
जिंटा ने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दे और उनकी आवाज को सुने। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय पर कार्रवाई नहीं करती है, तो इससे किसानों का विश्वास कमजोर होगा और वे अपनी फसलें उगाने में हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य और सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जिंटा ने कहा कि बागवानी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी सरकार से समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बागवानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि बागवानी उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर योजनाएं बनाई जाएं। इससे न केवल किसानों को लाभ होगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।









