Government Subsidy for Ministers: केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और सांसद लुंबा राम को एनएचबी स्कीम के तहत मिली सब्सिडी, बाद में किया वापस

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और राजस्थान के भाजपा सांसद लुंबा राम को पिछले पांच वर्षों में राष्ट्री
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और राजस्थान के भाजपा सांसद लुंबा राम को पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी। इस सहायता के तहत भागीरथ चौधरी को खीरा की खेती के लिए 99.6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली थी, जिसे उन्होंने भारी राजनीतिक दबाव के चलते वापस कर दिया। वहीं, सांसद लुंबा राम को नीबू की खेती के लिए 4.2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी। कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएचबी की योजनाओं के तहत पात्र किसानों और उद्यमियों को व्यावसायिक बागवानी, संरक्षित खेती, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और शीत भंडार अवसंरचना के विकास के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है।
ठाकुर ने यह भी बताया कि एनएचबी की स्कीम के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और उनके परिवार के सदस्यों की सूची भी प्रस्तुत की गई। इस सूची में लुंबा राम का नाम सिरोही, राजस्थान से और भागीरथ चौधरी का नाम अजमेर, राजस्थान से शामिल है। चौधरी ने यह सूचित किया है कि उन्होंने बैंक को सब्सिडी वापस कर दी है। कृषि राज्य मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि एनएचबी स्कीम के मौजूदा दिशा-निर्देशों में सार्वजनिक पदाधिकारियों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा जमा किए गए आवेदनों के संबंध में हितों के टकराव या स्वयं को अलग करने के बारे में कोई विशिष्ट प्रविधान नहीं है।
इस मुद्दे पर लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ठाकुर ने कहा कि एनएचबी की योजनाएं सभी पात्र आवेदकों के लिए खुली हैं, जिनमें व्यक्ति, पार्टनरशिप, कंपनियां, सहकारी समितियां और अन्य कानूनी संस्थाएं शामिल हैं, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत प्रोजेक्ट की जमीन आवेदक के स्वामित्व में होनी चाहिए या कम से कम दस साल की अवधि के लिए लीज पर होनी चाहिए, जिसका राजस्व रिकार्ड में विधिवत उल्लेख हो। इस प्रकार, सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनएचबी की योजनाएं सभी के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन सार्वजनिक पदाधिकारियों को इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।









