Governor expresses concern over hostel facilities: पूविवि के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर राज्यपाल ने जताई नाराजगी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षा समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने व
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षा समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा और खाली पड़े छात्रावासों, साफ-सफाई, अनुरक्षण, भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। विश्वविद्यालय में कुल नौ छात्रावास हैं, जिनमें से छह पुरुषों और तीन महिलाओं के लिए हैं। इनमें से दो छात्रावास, बाबू जगजीवन राम पुरुष छात्रावास और ज्योतिबा फुले छात्रा छात्रावास, वर्तमान में खाली पड़े हैं। राज्यपाल ने इन खाली छात्रावासों की स्थिति और उनके उपयोग में नहीं होने का कारण जानने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि बाबू जगजीवन राम छात्रावास में अनुरक्षण कार्य नहीं होने के कारण इसे लंबे समय से उपयोग में नहीं लाया गया है। इसके अलावा, सीवी रमन छात्रावास में भी अनुरक्षण की आवश्यकता बताई गई। राज्यपाल ने अन्य छात्रावासों में भी साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति को मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल दो छात्रावासों में वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सभी छात्रावासों में यह सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में अलमारी, जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल ने छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भोजन की व्यवस्था केवल ठेकेदारों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन मिले। भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कुलपति और संबंधित अधिकारियों को स्वयं करनी चाहिए। यदि ठेकेदारों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो उसकी गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। इसके अलावा, राज्यपाल ने हॉस्टल लाइब्रेरी में इंटरनेट की खराब व्यवस्था और ई-बुक की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का भी केंद्र होना चाहिए। इसलिए वहां पुस्तकालय, इंटरनेट और डिजिटल अध्ययन की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।









