GujaratiFarsan Kachori: न आलू, न प्याज.., सूखे मसालों से घर पर बनाएं खस्ता फरसान कचौड़ी, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी!

गुजराती फरसान कचौड़ी एक ऐसी डिश है जो न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है। अक्सर लोग समझते हैं कि कचौड़ी बनाने के लिए दाल भिगोकर और
गुजराती फरसान कचौड़ी एक ऐसी डिश है जो न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि इसे घर पर बनाना भी बेहद आसान है। अक्सर लोग समझते हैं कि कचौड़ी बनाने के लिए दाल भिगोकर और पीसकर लंबी तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन सच्चाई यह है कि आप किचन में मौजूद सूखे मसालों और कुछ अन्य सामग्री का उपयोग करके स्वादिष्ट कचौड़ी बना सकते हैं। खासकर चाय के समय या अचानक आए मेहमानों के लिए यह एक बेहतरीन स्नैक बन जाती है। इस कचौड़ी को बनाने के लिए आपको केवल कुछ साधारण सामग्री की आवश्यकता होती है, जैसे कि मैदा, मसाले और सेव। यह कचौड़ी न केवल कुरकुरी होती है, बल्कि इसे लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि।
कचौड़ी का आटा तैयार करने के लिए सबसे पहले मैदे में नमक, अजवाइन और थोड़ा सा तेल डालकर अच्छे से मिलाएं। जब मैदा मुट्ठी में बंधने लगे, तब इसमें गुनगुना पानी डालकर न ज्यादा सख्त और न ज्यादा नरम आटा गूंध लें। इसे 15 मिनट के लिए ढककर रख दें। इसके बाद चटपटी स्टफिंग बनाने के लिए साबुत धनिया, सौंफ और जीरा को हल्का भून लें। इन भुने मसालों को मिक्सर में डालकर फरसान, तिल, हींग, लाल मिर्च, गरम मसाला, आमचूर और चीनी के साथ दरदरा पीस लें। इसमें काजू, किशमिश और इमली की चटनी मिलाकर हल्का गीला मिक्सर तैयार करें।
अब आटे की छोटी लोई बनाकर उसे किनारों से पतला करते हुए कटोरी का आकार दें। बीच में 1 से 2 चम्मच स्टफिंग रखें और किनारों को ऊपर लाकर अच्छी तरह सील करें। फिर हथेली से हल्का दबाकर चपटा करें। कढ़ाई में तेल हल्का गरम करें और कचौड़ियों को धीमी आंच पर डालें। जब कचौड़ियां फूलकर ऊपर तैरने लगें, तो पलट-पलटकर सुनहरा और कुरकुरी होने तक तलें। कचौड़ी को एकदम खस्ता बनाने का राज है सही मोयन और धीमी आंच पर तलना। तेज आंच पर तलने से यह बाहर से लाल और अंदर से कच्ची रह जाएगी। तैयार कचौड़ियों को ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखें और 15 से 20 दिनों तक चटनी या कड़क चाय के साथ इसका आनंद लें।









