Gun License Case in Ghazipur: अफजाल अंसारी पर तीसरा मुकदमा दर्ज

गाजीपुर में सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ एक बार फिर से शस्त्र लाइसेंस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े शस्त्र लाइसेंस
गाजीपुर में सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ एक बार फिर से शस्त्र लाइसेंस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान की गई है। गाजीपुर पुलिस ने बताया कि इस बार शस्त्र लाइसेंस की मूल पत्रावली और खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख गायब पाए गए हैं, जिससे शस्त्र के भौतिक सत्यापन में बाधा उत्पन्न हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और यदि अन्य मामलों में भी अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर यह जांच की जा रही है, जिसमें मुख्तार अंसारी के परिजनों और गैंग आईएस-191 के सदस्यों द्वारा जारी शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक जांच की जा रही है। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। जांच के दायरे में गैंग से जुड़े 51 शस्त्र लाइसेंस हैं, जिन पर 145 विभिन्न शस्त्रों की खरीद-बिक्री की गई थी।
जांच के दौरान कई हथियारों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल सका है। पुलिस के अनुसार, संबंधित शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियां और खरीद-बिक्री के अभिलेख जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब कर दिए गए थे। आरोप है कि यह सब कुछ पूर्व शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत और आपराधिक षड्यंत्र के तहत किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि गैंग के सदस्य इन हथियारों का उपयोग बिना किसी प्रभावी निगरानी के कर सकें। अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1188/पी-11 की जांच में लाइसेंस की मूल पत्रावली और खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख अभिलेखागार से गायब मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इसी लाइसेंस पर दशकों पहले अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले से एनपीबी राइफल संख्या 44667 की खरीद-बिक्री हुई थी। हालांकि, संबंधित अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण उसका भौतिक सत्यापन नहीं हो सका।









