Gun License Controversy: सपा सांसद अफजाल अंसारी पर दूसरा मुकदमा दर्ज

गाजीपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह मामला अरुणाचल प्रदेश के अलोंग से खरीदी गई प्रतिबंधित बोर
गाजीपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह मामला अरुणाचल प्रदेश के अलोंग से खरीदी गई प्रतिबंधित बोर की राइफल और .32 बोर रिवाल्वर के शस्त्र अभिलेख गायब होने के कारण सामने आया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि सांसद के शस्त्र लाइसेंस की मूल पत्रावली को तत्कालीन शस्त्र लिपिक की मिलीभगत से गायब कर दिया गया, जिससे हथियारों की वर्तमान स्थिति का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस मामले में प्रेमा शंकर वर्मा, जो कि तत्कालीन शस्त्र लिपिक हैं, को भी नामजद किया गया है। यह सांसद के खिलाफ असलहा लाइसेंस से संबंधित दूसरा मुकदमा है, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देश पर, दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी और उनके परिवार के सदस्यों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जा रही है। इस जांच में 51 शस्त्र लाइसेंस शामिल हैं, जिन पर 145 विभिन्न हथियारों की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिली है। भौतिक सत्यापन के दौरान कई हथियारों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल सका, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस गिरोह के सदस्यों द्वारा शस्त्रों का दुरुपयोग किया जा सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख डीएम कार्यालय के तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के सहयोग से गायब कर दिए गए।
सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1241/पी-11 की जांच में यह पता चला कि इस पर 21 दिसंबर 1988 को प्रतिबंधित बोर की राइफल खरीदी गई थी। इसके बाद, यह राइफल अरुणाचल प्रदेश के अलोंग में टकन राइबर ब्रदर्स आर्म्स एम्युनिशन डीलर को बेची गई। इसके साथ ही, उसी फर्म से .32 बोर रिवाल्वर भी खरीदी गई थी। हालांकि, रिवाल्वर के शस्त्र पंजिका में सोल्ड अंकित है, लेकिन किसे बेची गई इसकी जानकारी अभिलेख में नहीं है। जांच में यह भी पाया गया कि उक्त शस्त्र लाइसेंस 18 जुलाई 2023 को डीएम के आदेश से निरस्त कर दिया गया था। दोनों हथियारों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चलने के कारण भौतिक सत्यापन नहीं हो सका। फर्म ने बताया कि 16 अप्रैल 2001 को ओल्ड मार्केट अलोंग में आग लगने से उनके सभी अभिलेख जल गए थे। डीएम वेस्ट शियांग आलो की रिपोर्ट में भी इस संबंध में कोई अभिलेख न होने की जानकारी दी गई है। सांसद को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।









