Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा कल, भूलकर भी ना करें ये 6 गलतियां, रुक सकती है तरक्की और नाराज हो सकते हैं गुरु

गुरु पूर्णिमा 2026: आषाढ़ पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन गुरुजनों, माता-पिता और विद्वानों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। मान
गुरु पूर्णिमा 2026: आषाढ़ पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन गुरुजनों, माता-पिता और विद्वानों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई गुरु सेवा जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देती है और तरक्की के बंद रास्ते खोल देती है। इस दिन विशेष ध्यान देने योग्य कुछ बातें हैं, जिनसे गुरु की कृपा प्राप्त की जा सकती है। गुरु पूर्णिमा के दिन जाने-अनजाने भी किसी गुरु, शिक्षक, बुजुर्ग या अपने से बड़ों का अपमान न करें। अगर आपके गुरु से विचारों में कोई भिन्नता है, तब भी उनके सामने कटु वचनों का प्रयोग न करें। किसी का उपहास उड़ाना या पीठ पीछे बुराई करना इस दिन भारी दोष का कारण बनता है। शास्त्रों के नियम के अनुसार, जब आप अपने गुरु के समक्ष हों, तो कभी भी उनके बराबर या उनसे ऊंचे आसन पर न बैठें। गुरु के सामने बैठते समय सदैव उनके चरणों के पास या उनसे नीचे के स्थान पर बैठना चाहिए। यह विनम्रता और श्रद्धा का प्रतीक है।
पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है। इसलिए इस दिन खान-पान में पवित्रता बनाए रखना बहुत जरूरी है। गुरु पूर्णिमा के दिन मांस-मदिरा, प्याज, लहसुन और बासी भोजन का सेवन बिल्कुल न करें। इस दिन पूर्णतः सात्विक भोजन ग्रहण करें और संभव हो तो उपवास रखें। गुरु को खाली हाथ न मिलें और न दें ये उपहार। शास्त्रों के अनुसार, गुरु, राजा और वैद्य के पास कभी भी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। गुरु पूर्णिमा के दिन जब भी गुरु के दर्शन करने जाएं, तो अपनी श्रद्धा अनुसार फल, फूल, मिठाई, वस्त्र या दक्षिणा लेकर जाएं। ध्यान रखें कि गुरु को कभी भी काले रंग के कपड़े, नुकीली चीजें या फटे-पुराने उपहार भेंट न करें।









