Astrological Significance on Guru Purnima: 56 साल बाद महासंयोग, मेष-सिंह समेत इन 6 राशियों की लगेगी लॉटरी!

संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। गुरु पूर्णिमा का पर्व इस वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन एक विशेष महासंयोग बन रहा है, जो पिछले 56 वर्षों में पहली बार देखने क
संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। गुरु पूर्णिमा का पर्व इस वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन एक विशेष महासंयोग बन रहा है, जो पिछले 56 वर्षों में पहली बार देखने को मिल रहा है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस महासंयोग का प्रभाव कई राशियों पर पड़ेगा, जिससे उन्हें विशेष लाभ मिलने की संभावना है। आचार्य बमबम झा के अनुसार, इस दिन का महत्व वैदिक पंचांग के अनुसार बहुत अधिक है। आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे शुरू होगी और 29 जुलाई को रात 08:05 बजे समाप्त होगी। इस अवधि में गुरु का पूजन और कथा पाठ करना विशेष फलदायी माना जा रहा है।
आचार्य ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर बुधादित्य राजयोग बन रहा है, जो सूर्य और बुध की युति से प्रभावी होगा। इसके साथ ही शश राजयोग और हंस राजयोग जैसे शक्तिशाली संयोग भी बन रहे हैं। ये सभी योग बौद्धिक क्षमता, करियर और मान-सम्मान में वृद्धि के लिए जाने जाते हैं। गुरु पूर्णिमा पर बन रहे राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन विशेष रूप से मेष, वृषभ, सिंह, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इसका अधिक लाभ मिलेगा। मेष और वृषभ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में जबरदस्त तरक्की मिल सकती है।
सिंह और धनु राशि वालों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी, जिससे नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। गुरु और सूर्य के प्रभाव से ज्ञान और सफलता दोनों में वृद्धि होगी। मकर और कुंभ राशि के जातकों को आकस्मिक धन लाभ और मानसिक शांति मिल सकती है। इस प्रकार, गुरु पूर्णिमा का यह महासंयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होगा। सभी जातकों को इस दिन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और अपने गुरु का आभार व्यक्त करना चाहिए।









