VIDEO: गुरु पूर्णिमा पर भक्तों ने संत प्रेमानंद के लिए फूल बिछाए

वृंदावन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बेलवन आश्रम में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस विशेष दिन पर संत प्रेमानंद महाराज ने अपने दीक्षित
वृंदावन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बेलवन आश्रम में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस विशेष दिन पर संत प्रेमानंद महाराज ने अपने दीक्षित परिकरों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और परिकर आश्रम में उपस्थित रहे, जो गुरु के दर्शन और आशीर्वचन प्राप्त करने के लिए उत्सुक थे। संत प्रेमानंद महाराज के आगमन पर दीक्षित परिकरों ने उनके स्वागत में मार्ग पर फूलों की चादर बिछा दी। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जयकारों, भजन-कीर्तन और गुरु वंदना से पूरा आश्रम गूंज उठा। श्रद्धालु जब गुरु के दर्शन करते हैं, तो वे भाव-विभोर हो जाते हैं और उनके चरणों में नमन कर आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर बेलवन आश्रम में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर अपने जीवन में गुरु के महत्व को स्वीकार किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दिन का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक भी है। भक्तों ने इस अवसर पर अपने गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त किया। संत प्रेमानंद महाराज की उपस्थिति ने सभी को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दी। इस प्रकार, गुरु पूर्णिमा का यह महोत्सव हर साल की तरह इस बार भी भक्ति और श्रद्धा से भरा रहा।
इस महोत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दूर से भक्त आए थे। उन्होंने न केवल गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर भक्ति गीत गाए और एक-दूसरे को आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। बेलवन आश्रम में आयोजित कार्यक्रमों में भजन-कीर्तन, प्रवचन और अन्य धार्मिक गतिविधियाँ शामिल थीं। इस दिन का उद्देश्य केवल गुरु की महिमा का गुणगान करना ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में गुरु के आशीर्वाद को अनुभव करना भी था। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपने जीवन में गुरु के महत्व को समझा और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस प्रकार, गुरु पूर्णिमा का यह महोत्सव सभी के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक अनुभव बना।









