Crackdown on Builders in Gurugram: हरेरा के आदेशों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई

गुरुग्राम में हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (हरेरा) के आदेशों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया ह
गुरुग्राम में हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (हरेरा) के आदेशों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस कार्रवाई के तहत 10 से अधिक बिल्डरों पर लगभग 296 करोड़ रुपये का बकाया जुर्माना लगाया गया है। यह राशि उन बिल्डरों से वसूली जाएगी जिन्होंने अपनी आवासीय परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं कीं और कई खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग को इस वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत पहले संबंधित बिल्डरों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो उनकी संपत्तियां कुर्क कर नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हरेरा ने जिला प्रशासन को एक पत्र भेजकर बताया कि कई बिल्डरों ने वर्षों बीत जाने के बाद भी अपने प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए हैं, जिससे करीब 380 खरीदार प्रभावित हुए हैं। इन मामलों में बिल्डरों पर 25 लाख रुपये से लेकर दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद बिल्डरों ने जुर्माना नहीं भरा। ऐसे में इन बिल्डरों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है और अब बकाया वसूली के लिए मामला जिला प्रशासन के पास भेजा गया है। जिला उपायुक्त ने पिछले सप्ताह राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वसूली प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुग्राम के तहसीलदार जगदीश कुमार ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशानुसार हरेरा द्वारा लगाए गए जुर्माने की वसूली की जाएगी। सबसे पहले संबंधित बिल्डरों को नोटिस भेजा जाएगा और यदि वे समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम किया जाएगा। नीलामी से प्राप्त राशि से जुर्माने की भरपाई की जाएगी। जिला राजस्व अधिकारी विजय कुमार यादव ने बताया कि प्रत्येक मामले में बिल्डर की देनदारी का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर तहसील स्तर पर राजस्व वसूली की कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बिल्डरों की संपत्तियों की पहचान, कुर्की और अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। सेक्टर-109 के एक खरीदार विशाल कुमार ने कहा कि उन्होंने कई वर्ष पहले फ्लैट बुक किया था, लेकिन अब तक उन्हें कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि उनकी तरह सैकड़ों खरीदार हरेरा और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।









