Weightlifter Gyaneshwari Yadav: वेट लिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने किया देश का नाम रोशन, भारत की झोली में गिरा पांचवां मेडल

राजनांदगांव की प्रतिभाशाली वेट लिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने एक बार फिर अपने खेल कौशल का लोहा मनवाया है। उन्होंने अपने अद्भुत प्रदर्शन के माध्यम से भारत को वेटलिफ्
राजनांदगांव की प्रतिभाशाली वेट लिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने एक बार फिर अपने खेल कौशल का लोहा मनवाया है। उन्होंने अपने अद्भुत प्रदर्शन के माध्यम से भारत को वेटलिफ्टिंग में एक और मेडल दिलाया है। ज्ञानेश्वरी ने इस बार सिल्वर मेडल जीतकर देश को गर्वित किया है। यह भारत का पांचवां मेडल है, जो वेटलिफ्टिंग में प्राप्त हुआ है। ज्ञानेश्वरी ने अपनी दूसरी कोशिश में 85 किलोग्राम और तीसरी कोशिश में 88 किलोग्राम वजन उठाया। उनके इस प्रयास ने उन्हें प्रतियोगिता में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। इस बीच, दीदिह ने ज्ञानेश्वरी के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अपनी दूसरी कोशिश में 90 किलोग्राम और फिर 93 किलोग्राम वजन उठाकर एक नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि न केवल ज्ञानेश्वरी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
इससे पहले, रविवार को भारत की मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इसके अलावा, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने भी सिल्वर मेडल जीतकर भारत की झोली में और मेडल डाले। भारत को पहला मेडल झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर दिलाया था। इन सभी खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। यह सभी खिलाड़ी अपने-अपने खेल में उत्कृष्टता के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने साबित कर दिया है कि भारत खेलों के क्षेत्र में भी पीछे नहीं है।
हालांकि, भारतीय जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, लेकिन वह मेडल जीतने से चूक गईं। उन्होंने महिलाओं के वॉल्ट फाइनल स्पर्धा में छठा स्थान प्राप्त किया। प्रतिष्ठा ने फाइनल में अपने पहले प्रयास में 12.700 का स्कोर प्राप्त किया और दूसरे प्रयास में 12.666 का स्कोर बनाया। इन दोनों प्रयासों का औसत स्कोर 12.683 रहा। हालांकि, यह स्कोर उन्हें पदक तालिका में शीर्ष तीन में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था। उनके इस प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वे भी एक उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं, लेकिन थोड़ी सी कमी ने उन्हें मेडल से दूर रखा। इस प्रकार, भारत के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और देश का नाम रोशन किया है।









