Devotion Journey: हरिद्वार से नेपाल तक 2,400 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा

हरिद्वार में सावन और कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धा और भक्ति के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 53 वर्षीय हरपाल नाथ की अद्भुत
हरिद्वार में सावन और कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धा और भक्ति के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 53 वर्षीय हरपाल नाथ की अद्भुत कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। हरपाल नाथ ने बिना किसी व्यक्तिगत इच्छा के भगवान शिव की सेवा के लिए कठिन तपस्या का मार्ग चुना है। वे गंगाजल लेकर हरिद्वार से नेपाल के विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर तक घुटनों के बल यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा की कुल दूरी लगभग 2,400 किलोमीटर है और इसे पूरा करने में उन्हें 411 दिन लगने का अनुमान है। हरपाल नाथ का एकमात्र उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में अधिकांश श्रद्धालु किसी न किसी मनोकामना के लिए गंगाजल लाते हैं, लेकिन उनका कोई व्यक्तिगत उद्देश्य नहीं है।
हरपाल नाथ ने बताया कि उनकी यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होते हुए नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेगी। हरपाल पूरी यात्रा घुटनों के बल तय कर रहे हैं और उन्होंने अपने शरीर से एक छोटी ट्राली बांध रखी है, जिसमें गंगाजल, कपड़े, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान रखा है। उनकी इस यात्रा को देखकर राहगीर रुक जाते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। यह हरपाल नाथ की पहली कठिन यात्रा नहीं है। इससे पहले भी वे हरिद्वार से सोनभद्र तक लगभग 1,800 किलोमीटर की कठिन कांवड़ यात्रा पूरी कर चुके हैं। यह उनकी लगातार तीसरी विशेष कांवड़ यात्रा है।
हरपाल नाथ ने कहा कि कठिन मार्ग चुनना उनके लिए शिवभक्ति का माध्यम है और भगवान शिव की कृपा से ही उन्हें इस तपस्या को पूरा करने की शक्ति मिलती है। उनकी इस यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने भी अपने डिजिटल मीडिया पेज पर हरपाल की वीडियो साझा की है, जिससे उनकी भक्ति और तपस्या की कहानी और भी लोगों तक पहुंच सके। हरपाल नाथ की यह यात्रा न केवल उनकी भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा भी है जो भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करना चाहते हैं।









