UG Admissions: पहली मेरिट सूची में 53 फीसदी सीटें ही भरी गईं

हरियाणा में स्नातक प्रथम वर्ष के लिए पहली मेरिट सूची के आधार पर दाखिलों की स्थिति चिंताजनक है। सरकारी, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में 1 लाख 4
हरियाणा में स्नातक प्रथम वर्ष के लिए पहली मेरिट सूची के आधार पर दाखिलों की स्थिति चिंताजनक है। सरकारी, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में 1 लाख 4 हजार सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें से केवल 55 हजार 196 सीटों पर ही दाखिले हुए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि केवल 53 फीसदी सीटें ही भरी जा सकी हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेशभर में कुल 2 लाख 30 हजार 544 सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक केवल 24 प्रतिशत सीटों पर ही विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। यह स्थिति विशेष रूप से गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, फरीदाबाद, करनाल, सिरसा, सोनीपत और महेंद्रगढ़ जैसे बड़े जिलों में अधिक चिंताजनक है, जहां बड़ी संख्या में सीटें खाली पाई गई हैं। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम के कॉलेजों में हजारों सीटें अभी भी रिक्त हैं, जिसमें डीजीसी गुरुग्राम में 3,120 में से 908 और सेक्टर-14 महिला कॉलेज में 2,740 में से 935 सीटों पर ही दाखिले हुए हैं। इसी तरह, रोहतक के एनआरएस राजकीय कॉलेज में 2,652 में से 1,036 और एआई जाट कॉलेज में 2,692 में से 521 सीटों पर विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इस प्रकार, दाखिलों की यह स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
छोटे जिलों में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है। चरखी दादरी, फतेहाबाद, नूंह, पंचकूला और पलवल जैसे जिलों में कई कॉलेजों में सीट भरने की दर 30 से 40 प्रतिशत के बीच रही है। कुछ निजी कॉलेजों में तो पहली मेरिट सूची के बाद 10 से ज्यादा दाखिले भी नहीं हुए हैं। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि विद्यार्थियों की संख्या में कमी आ रही है, जो शिक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती है। जिलावार खाली सीटों की बात करें तो अंबाला जिले में स्नातक प्रथम वर्ष की 5,741, भिवानी में 7,274, चरखी दादरी में 3,459, फरीदाबाद में 7,307, फतेहाबाद में 4,248, गुरुग्राम में 8,769, हिसार में 11,552 और झज्जर में 5,728 सीटें अभी भी खाली हैं। इसके अलावा, जींद में 8,937, कैथल में 7,234, करनाल में 8,507, कुरुक्षेत्र में 5,865, महेंद्रगढ़ में 11,188, नूंह में 1,610, पलवल में 5,042, पंचकूला में 3,596, पानीपत में 8,108, रेवाड़ी में 7,302, रोहतक में 13,409, सिरसा में 8,559, सोनीपत में 8,455 और यमुनानगर में 4,699 सीटें दाखिले के लिए उपलब्ध हैं। इस प्रकार, यह आंकड़े दर्शाते हैं कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है और संबंधित विभागों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।









