Good News for Women in Haryana: शामलात भूमि पर डेयरी के लिए मिलेंगे 500 वर्ग गज तक के पट्टे

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को पंचायत की श
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को पंचायत की शामलात भूमि पट्टे पर देने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इस योजना के तहत, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) से जुड़े पात्र स्वयं सहायता समूह अब पंचायत की शामलात भूमि का उपयोग कर डेयरी गतिविधियां शुरू कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना और गांवों में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना है। इस पहल से न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस संबंध में जिला विकास भवन में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें एडीसी नरेंद्र कुमार ने बताया कि नए नियमों के तहत उपायुक्त ग्राम पंचायत की 500 वर्ग गज तक शामलात भूमि दो वर्ष के लिए स्वयं सहायता समूहों को पट्टे पर देने की अनुमति देंगे। यदि समूह की डेयरी गतिविधियां संतोषजनक पाई जाती हैं, तो पट्टे की अवधि तीन वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी। यह योजना उन स्वयं सहायता समूहों के लिए है, जो कम से कम एक वर्ष से सक्रिय हैं और नियमित बचत एवं ऋण गतिविधियों का रिकॉर्ड रखते हैं। समूह में कम से कम 10 महिलाएं होनी चाहिए और सभी सदस्य उसी ग्राम पंचायत की निवासी होंगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 27 सक्रिय स्वयं सहायता समूह सदस्यों को पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इस योजना का लाभ उन समूहों को नहीं मिलेगा, जिनके सदस्यों या उनके परिवार के नाम पर 500 वर्ग गज या उससे अधिक भूमि दर्ज है। इसके अलावा, किसी सरकारी योजना या बैंक में डिफाल्ट वाले समूह भी इस योजना के पात्र नहीं होंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र में नए रोजगार सृजित करेगी। पंचायत की निष्क्रिय शामलात भूमि का उत्पादक उपयोग होगा, जिससे स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।









