Health Concerns in Etawah: सर्दी-गर्मी से बच्चों में बढ़ा डायरिया, चार भर्ती

इटावा में उमस भरी गर्मी के चलते बच्चों में डायरिया, उल्टी, दस्त और बुखार के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में प्रति
इटावा में उमस भरी गर्मी के चलते बच्चों में डायरिया, उल्टी, दस्त और बुखार के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 35 डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक अस्पताल में कुल 1256 मरीजों ने पंजीकरण कराया। सुबह से ही पर्ची काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। ओपीडी के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आए। चिकित्सकों का कहना है कि ओपीडी में उल्टी, दस्त और पेट की बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बालरोग विशेषज्ञ पीके यादव ने बताया कि तेज धूप के कारण बच्चे घर में आकर ठंडा पानी पी रहे हैं, जिससे उन्हें उल्टी, खांसी और बुखार का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। शिशु वार्ड में चार नए बच्चों को भर्ती किया गया है, जिससे कुल भर्ती बच्चों की संख्या 28 हो गई है।
डॉ. पीके यादव ने साफ-सफाई की अनदेखी और बासी खाना खाने को बीमारियों का मुख्य कारण बताया है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और साफ पानी पीने के साथ खान-पान में संयम बरतें। चिकित्सक ने यह भी कहा कि उमस भरी गर्मी में अधिक पानी पीना बेहद आवश्यक है। इससे न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि शरीर की जल संतुलन भी बनाए रखी जा सकती है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए चिकित्सकों की टीम पूरी तरह से सक्रिय है और उन्हें आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है।
इस बढ़ती समस्या को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रियता से काम करने की आवश्यकता है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा सकता है, जहां उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए। इसके अलावा, गर्मी के मौसम में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए, उन्हें ठंडे और ताजे पानी का सेवन कराने की सलाह दी गई है। इस तरह के उपायों से न केवल डायरिया बल्कि अन्य मौसमी बीमारियों से भी बचा जा सकता है। इटावा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।









