Health services disrupted in Muktsar: आम आदमी क्लीनिकों की हड़ताल से मरीजों को हुई परेशानी

श्री मुक्तसर साहिब में आम आदमी क्लीनिकों की हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सोमवार को आम आदमी क्लीनिक संयुक्त फ्रंट के आह्वान पर जिले क
श्री मुक्तसर साहिब में आम आदमी क्लीनिकों की हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से ठप कर दिया है। सोमवार को आम आदमी क्लीनिक संयुक्त फ्रंट के आह्वान पर जिले के सभी 26 क्लीनिकों में कामकाज बंद रहा। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और क्लीनिक असिस्टेंट्स ने अपनी मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया, जिसका सीधा असर शहरी और ग्रामीण मरीजों पर पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी क्लीनिकों में रोजाना 2,000 से अधिक मरीज ओपीडी के लिए आते हैं, लेकिन हड़ताल के कारण सभी सेवाएं ठप रहीं। मरीजों को दवा और चेकअप के लिए मजबूरन सिविल अस्पताल और नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ा।
क्लीनिकों के बंद होने से मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकांश क्लीनिक मरीजों के घरों के पास स्थित हैं, लेकिन दवा नहीं मिलने के कारण उन्हें तीन से चार किलोमीटर या उससे भी अधिक दूर स्थित सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ा। इस दूरी के कारण बुजुर्ग और नियमित दवा लेने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हुई। हड़ताल का असर जिला मुख्यालय के सिविल अस्पताल में भी स्पष्ट रूप से देखा गया, जहां सोमवार को ओपीडी में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। आम दिनों में यहां ओपीडी 450-500 के बीच रहती है, लेकिन आज यह संख्या 700 के पार पहुंच गई। इलाज और चेकअप करवाने वालों की भारी भीड़ अस्पताल में देखी गई।
अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम, बुखार, शुगर, बीपी और अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। इसी तरह का हाल मलोट और गिद्दड़बाहा में भी देखने को मिला। सिविल अस्पताल मुक्तसर के एसएमओ डा. राजीव सचदेवा ने बताया कि सोमवार को ओपीडी सामान्यतः अधिक रहती है, लेकिन आम आदमी क्लीनिकों की हड़ताल के कारण यहां ओपीडी और बढ़ गई है। सभी मरीजों को इलाज और दवा मिली है, अस्पताल में कोई परेशानी नहीं हुई। भुल्लर कालोनी की वीरपाल कौर ने बताया कि वह सुबह शुगर जांच और दवा लेने क्लीनिक पहुंची थीं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें सिविल अस्पताल जाना पड़ा। कुलविंदर कौर ने भी इसी तरह की समस्या का सामना किया और बताया कि वह बीपी चेक करवाने आई थीं, लेकिन क्लीनिक बंद था। बुजुर्ग लखवीर सिंह ने भी कहा कि वह दवा लेने आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें सरकारी अस्पताल में जाकर चेक करवाना पड़ेगा।









