Heavy Rain Causes Drain Water Infiltration: पुरी के प्राचीन कपालमोचन मंदिर में नाले का पानी घुसा

पुरी में मूसलाधार बारिश के बाद प्राचीन कपालमोचन मंदिर में नाले का पानी घुसने की घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
पुरी में मूसलाधार बारिश के बाद प्राचीन कपालमोचन मंदिर में नाले का पानी घुसने की घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह मंदिर श्रीक्षेत्र पुरी के पांच प्रमुख शैव पीठों में से एक है और यहां पहली बार ड्रेनेज का पानी प्रवेश करने की सूचना मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वर्षा के कारण गांडुआ चौरा चौक से तेज बहाव के साथ नाले का पानी मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया, जिससे गर्भगृह में भी पानी भर गया। इस स्थिति ने मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना के दौरान कपालमोचन मंदिर परिसर और इसके मुख्य मार्ग को विकास कार्यों में शामिल नहीं किया गया था। इसी कारण आज मंदिर को गंभीर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में बारिश के दौरान इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिर में नाले का पानी प्रवेश न कर सके।
इस घटना ने न केवल मंदिर की पवित्रता को प्रभावित किया है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी चोट पहुंचाई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में ऐसी समस्याएं और भी गंभीर हो सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द समाधान निकाले ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पवित्रता को सुरक्षित रखा जा सके।









