Heavy Rain in Meerut: महिलाएं घर और कारोबार बचाने के लिए धरने पर डटी रहीं

मेरठ में मूसलाधार बारिश के बावजूद महिलाएं घर और कारोबार को बचाने के लिए धरने पर डटी रहीं। सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास, मंगलवार को महिलाओं ने अपने अधिकारों की र
मेरठ में मूसलाधार बारिश के बावजूद महिलाएं घर और कारोबार को बचाने के लिए धरने पर डटी रहीं। सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास, मंगलवार को महिलाओं ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद व्यापारी वर्ग राहत और वैकल्पिक दुकानों की मांग कर रहा है। महिलाओं ने खराब मौसम की परवाह किए बिना अपना आंदोलन जारी रखा, जो उनकी दृढ़ता और साहस को दर्शाता है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें वैकल्पिक दुकानें नहीं मिल जातीं, तब तक वे अपने अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी। यह धरना उन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपने परिवारों के भरण-पोषण के लिए अपने व्यवसायों को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने 17 जुलाई को मेरठ में प्रभावित महिलाओं और व्यापारियों से बातचीत की थी। इस वार्ता के बाद कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारी अब मांग कर रहे हैं कि जब तक उन्हें वैकल्पिक दुकानें नहीं मिल जातीं, तब तक उन्हें 50 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके साथ ही, नई बनने वाली दुकानें उन्हें निशुल्क आवंटित करने की भी मांग की गई है। यह मांगें इस बात को दर्शाती हैं कि व्यापारी वर्ग अपनी स्थिति को लेकर कितनी चिंतित है और वे सरकार से तत्काल सहायता की अपेक्षा कर रहे हैं।
उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पहले सील की गई संपत्तियों की सील खोल दी गई है। संपत्ति स्वामियों को 15 दिन के भीतर स्वयं ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी संपत्तियों का ध्वस्तीकरण नहीं किया गया, तो परिषद अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी। यह निर्णय उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस स्थिति में, महिलाओं का धरना और उनकी मांगें एक महत्वपूर्ण संदेश देती हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं, चाहे मौसम कितना भी खराब क्यों न हो।









