Herd of elephants reaches Giridih from Hazaribagh: वन विभाग ने कहा-अनावश्यक घर से बाहर न निकलें

झारखंड के हजारीबाग और कोडरमा जिले के सीमावर्ती पपीलो जंगल से आए हाथियों के झुंड ने गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में आतंक मचा रखा है। पिछले दो दिनों में इन हाथिय
झारखंड के हजारीबाग और कोडरमा जिले के सीमावर्ती पपीलो जंगल से आए हाथियों के झुंड ने गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में आतंक मचा रखा है। पिछले दो दिनों में इन हाथियों ने कई घरों और चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया है, साथ ही फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। रविवार की रात हाथियों का यह झुंड खरटी, वेणुसारण, टाटो, जटाडीह और घुज्जी गांवों में विचरण करता रहा। वन विभाग के कर्मी इन हाथियों को जंगल से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सोमवार की सुबह हाथियों का झुंड झांझ, डबरी बमबारी, कलहजोरी, रूपीडीह, भटआसिंघा होते हुए जरीडीह जंगल में डेरा डाल चुका है। वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गांवों में अलर्ट जारी किया है और कर्मियों को चारों ओर तैनात किया है। हाथियों की उपस्थिति के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गिरिडीह के डीएफओ पश्चमी और रेंजर के निर्देश पर वन विभाग के कर्मी जैसे योगेंद्र प्रसाद, अबोध महथा और बिरेन्द्र प्रसाद प्रभावित गांवों में माइक के जरिए लगातार एलाउंस कर रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। वनकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि हाथियों का झुंड आपके क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, इसलिए सभी को सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, किसानों को भी विशेष अपील की गई है कि यदि खेतों में काम करना आवश्यक हो तो हाथियों के झुंड पर नजर रखें। खेत पर जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं जंगल से हाथी बाहर तो नहीं निकल रहे हैं।
फिलहाल, हाथियों का झुंड घुज्जी-खरटी और बेनुशरण के जंगल में डेरा जमाए हुए है। वन विभाग की टीम दिन-रात निगरानी कर रही है और हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें और हाथियों के साथ छेड़छाड़ न करें। हाथियों के आतंक से प्रभावित गांवों में चानो, रजमनियाँ, मुरैना, जटाडीह, घुज्जी, खरटी, वेणुसारण, कपिलो, पन्दनाकला, बंगराकला, दलांगी, लेवरा, बेहराबाद, बाराटांड़, गुड्डीटांड, पन्दनाखुर्द, माखमरगो, बंगराखुर्द, कररी, हरदिया, घोरमारा, चिंतनखारी, बेलना, ताराटांड, जमुनियांटांड, परतमाधाम, बाराडीह, पिपराडीह, झरखी, बरांय, केशोडीह, खुरजियो, गारागुरो, कुसमय, शाखाबार, कल्याणपुर, मंझिलाडीह और जरीडीह के ग्रामीण रातभर जागकर आग जलाकर रखते हैं ताकि हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके। हाल ही में, बिरनी के विभिन्न गांवों में हाथियों के झुंड ने 9 मई से लेकर जुलाई माह तक एक महिला और एक पुरुष को मौत के घाट उतार दिया है। सरकार ने जान के बदले 10 लाख की मुआवजा राशि घोषित की है। 9 मई को बंगराकला के पेमा साव की पत्नी रधिया देवी को हाथियों ने कुचलकर मार दिया, जबकि 12 जुलाई को एक अधेड़ सेंट्रिंग मिस्त्री रामचन्द्र यादव की भी जान ले ली।









