Herd of Elephants Reaches Kodarma: गिरिडीह से कोडरमा पहुंचे हाथियों का झुंड, फसल और घरों को किया बर्बाद

बिरनी (गिरिडीह) से प्राप्त समाचार के अनुसार, पिछले पांच दिनों से हाथियों का एक झुंड बिरनी के विभिन्न गांवों में उत्पात मचाते हुए एक युवक की जान ले चुका है। इस घ
बिरनी (गिरिडीह) से प्राप्त समाचार के अनुसार, पिछले पांच दिनों से हाथियों का एक झुंड बिरनी के विभिन्न गांवों में उत्पात मचाते हुए एक युवक की जान ले चुका है। इस घटना के बाद हाथियों का झुंड कोडरमा जिला के पपीलो जंगल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कोडरमा वन विभाग के कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक दोनों जिलों के वन विभाग के कर्मियों के बीच इस मुद्दे पर वाकयुद्ध चलता रहा। अंततः बुधवार सुबह छह बजे गिरिडीह वन विभाग के कर्मियों ने हाथियों के झुंड को कोडरमा के पपीलो जंगल में प्रवेश कराकर राहत की सांस ली। हाथियों के इस झुंड ने मंगलवार रात को मुरैना से निकलकर बिरनी के चानो गांव में उत्पात मचाया, जहां उन्होंने कई किसानों और ग्रामीणों की चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया और खड़ी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। ग्रामीणों ने रातभर जागकर मशाल जलाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया।
वन विभाग के कर्मियों योगेंद्र प्रसाद और अबोध महथा ने बताया कि हाथियों का झुंड पश्चिम दिशा की ओर जा रहा था, लेकिन कोडरमा वन विभाग द्वारा बार-बार प्रवेश रोकने के कारण वे बिरनी क्षेत्र में लौट आते थे और नुकसान पहुंचाते थे। इस स्थिति को लेकर दोनों जिलों के वनकर्मियों के बीच बहस और वाकयुद्ध की स्थिति बनी रही। अंततः बुधवार सुबह 6 बजे, दोनों जिलों के वन कर्मियों के बीच समन्वय के बाद हाथियों के झुंड को कोडरमा के पपीलो जंगल में प्रवेश कराया गया। इसके बाद गिरिडीह वन विभाग के कर्मियों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, गिरिडीह वन विभाग के कर्मी सीमा पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि हाथी वापस इस क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अभी भी सतर्क रहें और जंगल की ओर न जाएं।











