Heroic Act in Himachal: राणो देवी ने 12 परिवारों की जान बचाई

हिमाचल प्रदेश के शाहपुर बोह घाटी में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राणो देवी की बहादुरी की कहानी हर किसी की जुबान पर है। लगभग पांच दिन पहले जब इस क्षेत्र में अचानक आ
हिमाचल प्रदेश के शाहपुर बोह घाटी में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राणो देवी की बहादुरी की कहानी हर किसी की जुबान पर है। लगभग पांच दिन पहले जब इस क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई, तब राणो देवी ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से 12 परिवारों की जान बचाई। इस घटना के बाद से लोग राणो देवी से मिलने और उनकी बहादुरी की कहानी सुनने के लिए आ रहे हैं। रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू भी इस क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे और उन्होंने राणो देवी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने जब आपदा के बारे में बात की, तो ग्रामीणों ने बताया कि राणो देवी ने कैसे सभी को अलर्ट किया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए प्रेरित किया। इससे 12 परिवारों की जान बच गई।
राणो देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जब सुबह करीब 10 बजे बारिश शुरू हुई, तब वह अपने आंगन में थीं। अचानक नाले में मटमैला पानी बढ़ने लगा, जिससे उन्हें समझ में आ गया कि कुछ गंभीर हो सकता है। उन्होंने तुरंत 2021 में हुई एक अन्य बाढ़ की घटना को याद किया, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई थी। बिना समय गंवाए, उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया और सभी को घरों से बाहर निकलने के लिए कहा। उनकी तत्परता के कारण, लोग समय पर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, जिससे कई जानें बच गईं।
इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच राणो देवी की छवि को एक नायक के रूप में स्थापित कर दिया है। जब बाढ़ ने गांव को अपनी चपेट में लिया, तब राणो देवी की सजगता ने एक खुशहाल गांव को पलभर में उजाड़ने से बचा लिया। अब लोग उनकी बहादुरी की प्रशंसा कर रहे हैं और उन्हें देवदूत मान रहे हैं। राणो देवी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय में एक व्यक्ति की सूझबूझ और साहस कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए और एक-दूसरे की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए।









