High Court Strict on CAT Bench: रांची में कैट की स्थायी बेंच बनाने के मामले में हाई कोर्ट का सख्त रुख

राज्य ब्यूरो, रांची। रांची में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट के चीफ
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार के पूर्व रुख और वर्तमान स्थिति के बीच के विरोधाभास पर गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और विधि एवं न्याय मंत्रालय से इस मामले में जवाब तलब किया है। खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह 14 अगस्त तक यह स्पष्ट करे कि पहले अपनाए गए रुख के अनुरूप कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत एक पत्र में कहा गया कि रांची में कैट की स्थायी बेंच स्थापित करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यहां केंद्रीय कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि रांची में कैट की स्थायी बेंच स्थापित करने का प्रस्ताव विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और इस संबंध में जल्द ही सकारात्मक निर्णय होने की संभावना है। ऐसे में केंद्र सरकार का बदला हुआ रुख स्पष्टीकरण की मांग करता है।
प्रार्थी प्रदीप कुमार ने अदालत को बताया कि वर्तमान में कैट की स्थायी बेंच पटना में है, जबकि रांची में केवल सर्किट बेंच संचालित होती है। उन्होंने दलील दी कि झारखंड में केंद्रीय कर्मचारियों के सेवा विवादों से जुड़े 800 से अधिक मामले लंबित हैं। यदि रांची में स्थायी बेंच स्थापित की जाती है तो इन मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव होगा और कर्मचारियों को न्याय पाने के लिए बार-बार पटना नहीं जाना पड़ेगा। प्रार्थी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार कैट की स्थायी बेंच की स्थापना के लिए दो एकड़ भूमि पहले ही उपलब्ध करा चुकी है, इसके बावजूद अब तक स्थायी बेंच स्थापित नहीं की गई है।









