Himachal: 4900 मेधावी विद्यार्थियों के खातों में आज आएंगे 16-16 हजार रुपये

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 4,900 मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत मंगलवार को उनके बैंक खातों में 16-16 हजार रुपये की राशि हस्तांत
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 4,900 मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत मंगलवार को उनके बैंक खातों में 16-16 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। यह कदम सरकार द्वारा पूर्व में लागू की गई डिजिटल डिवाइस वितरण व्यवस्था में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब विद्यार्थियों को सीधे धनराशि देने का निर्णय लिया गया है, जिससे वे अपनी आवश्यकता के अनुसार लैपटॉप, टैबलेट या अन्य डिजिटल उपकरण खरीद सकेंगे। शिक्षा विभाग ने पहले चरण में इन 4,900 विद्यार्थियों की सूची तैयार की है और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को भेज दिया गया है। मंगलवार को इन लाभार्थियों के खातों में राशि जमा कर दी जाएगी, जिससे उन्हें अपने आवश्यक उपकरण खरीदने में सहूलियत होगी।
इस योजना के तहत शेष पात्र विद्यार्थियों को भी आगामी चरणों में लाभ दिया जाएगा। सरकार ने इस योजना में लगभग 10 हजार मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया है। पहले, सरकार ने विद्यार्थियों को कूपन के माध्यम से डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई थी, लेकिन इस प्रणाली में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। इसके पीछे एक प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की कीमतों में हुई वृद्धि भी है। इस कारण कंपनियों ने उपकरणों की आपूर्ति में रुचि नहीं दिखाई। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 222 विद्यार्थियों ने कूपन का उपयोग कर डिजिटल उपकरण खरीदे हैं, जो कि योजना की सफलता के लिए एक चिंता का विषय है।
कम प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने योजना का स्वरूप बदलते हुए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इस नए तरीके से विद्यार्थियों को अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार उपकरण चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी। इसके साथ ही, वितरण प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सरल होगी। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैंक खातों और अन्य औपचारिकताओं का सत्यापन पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र विद्यार्थियों को राशि जारी की जाएगी। इस प्रकार, यह योजना न केवल विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने में सहायक होगी, बल्कि उनकी शिक्षा को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी।









