Himachal: सीएम सुक्खू बोले- विद्यार्थियों की गिरफ्तारी लोकतंत्र के खिलाफ, केंद्र करे हस्तक्षेप

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद भाजपा शासित राज्यों में विद्यार्थियों की गिरफ्तारी को ले
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद भाजपा शासित राज्यों में विद्यार्थियों की गिरफ्तारी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और युवाओं को अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाने से डराना और दबाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों के बाद विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारियों की जो खबरें आई हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं। लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है, और उनकी आवाज को दबाने के बजाय इसे सुना जाना चाहिए।
सुखविंद्र सुक्खू ने यह भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता है। विरोध करने वाले नागरिक दुश्मन नहीं होते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हाथों में पेन, कॉपी और किताबें होनी चाहिए, न कि हथकड़ियां। देश के युवाओं को भय और दमन के माहौल में नहीं जीना चाहिए, बल्कि उनके सपनों और अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भाजपा शासित राज्य छात्र समुदाय को विरोधी के रूप में न देखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाने का प्रयास देश के भविष्य के साथ अन्याय है और यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवाद, सहमति और असहमति के सम्मान में निहित है। इसलिए, सरकारों को चाहिए कि वे छात्रों और युवाओं की चिंताओं को सुनें और समाधान निकालने की दिशा में काम करें, न कि दमनात्मक उपायों का सहारा लें। इस प्रकार, मुख्यमंत्री ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।









