Himachal Police: नशा तस्करों पर सख्ती, अब ई-मेल से तुरंत दर्ज होगी एफआईआर, नई डिजिटल व्यवस्था लागू

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के त
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के तहत, अब दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष टीमों या एसटीएफ द्वारा मौके पर तैयार की गई प्राथमिक रिपोर्ट को थाने तक भौतिक रूप से पहुंचाने की आवश्यकता नहीं होगी। रिपोर्ट सीधे आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से संबंधित थाना प्रभारी को भेजी जाएगी, जिससे एफआईआर दर्ज करने में होने वाली देरी समाप्त हो जाएगी। यह कदम न केवल प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि नशा तस्करी के मामलों में त्वरित कार्रवाई को भी सुनिश्चित करेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी और इससे न केवल एफआईआर दर्ज करने में समय बचेगा, बल्कि पूरे मामले की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत, जैसे ही थाना प्रभारी को ई-मेल प्राप्त होगा, उसे उसी दिन एफआईआर दर्ज करनी होगी और उसकी डिजिटल प्रति तुरंत जांच अधिकारी को भेजनी होगी। इस प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल टाइमस्टैम्प सिस्टम के साथ सुरक्षित रहेगा, जिससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे अदालत में पुलिस के पास कार्रवाई के समय का ठोस डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध रहेगा। पुलिस का मानना है कि इस प्रणाली से न केवल एफआईआर दर्ज करने में तेजी आएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि जांच में किसी प्रकार की देरी न हो। इससे नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में भी तेजी आएगी।
डीजीपी अशोक तिवारी ने इस नई प्रणाली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश में ड्रग तस्करी के खिलाफ पुलिस की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उनका कहना है कि एफआईआर प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से कार्रवाई तेज, जवाबदेह और कानूनी रूप से अधिक मजबूत होगी। इससे जांच में देरी की संभावना कम होगी और किसी भी आरोपी को प्रक्रियागत विलंब का लाभ नहीं मिल सकेगा। पुलिस का मानना है कि इस नई व्यवस्था से गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों की जब्ती और अन्य कानूनी औपचारिकताओं में भी तेजी आएगी। इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।









