Historic Journey Begins After 10 Years: लखीमपुर में कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस का आगाज

लखीमपुर जिले के रेल इतिहास में सोमवार का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जब कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ। करीब दस साल के लंबे इंतजार के ब
लखीमपुर जिले के रेल इतिहास में सोमवार का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जब कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ। करीब दस साल के लंबे इंतजार के बाद इस ट्रेन ने अपने पहले दिन ही लगभग 250 यात्रियों को ऐशबाग तक की यात्रा कराई। यात्रियों में इस नई रेल सेवा को लेकर खुशी का माहौल था, जो लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की प्रतीक्षा कर रहे थे। इससे न केवल यात्रा की सुविधा बढ़ी है, बल्कि यह जिले के लोगों के लिए एक नई उम्मीद भी लेकर आई है। कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस ने जिले को बरेली और ऐशबाग के साथ फिर से जोड़ दिया है, जिससे छात्रों, व्यापारियों और चिकित्सा के लिए यात्रा करने वालों को काफी राहत मिलेगी।
इससे पहले, मीटर गेज की कई ट्रेनें बरेली से ऐशबाग तक चलती थीं, लेकिन ब्राडगेज के बाद से यह कनेक्टिविटी पूरी तरह से बाधित हो गई थी। इससे बरेली और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब, कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस के शुरू होने से न केवल यात्रा की सुविधा में सुधार हुआ है, बल्कि समय और धन की बचत भी हो रही है। पहले दिन ट्रेन अपने निर्धारित समय से 11 मिनट की देरी से लखीमपुर स्टेशन पहुंची, जो कि यात्रियों के लिए थोड़ी निराशा का कारण बनी। ट्रेन का आगमन 10:24 बजे होना था, लेकिन यह 10:35 बजे स्टेशन पर पहुंची।
ट्रेन के आगमन को लेकर स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इसे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। छोटी लाइन की कई ट्रेनें पहले बरेली से ऐशबाग जंक्शन तक चलती थीं, लेकिन ब्राडगेज के बाद ट्रेनों की संख्या में कमी आई थी और ऐशबाग तथा बरेली जंक्शन के बीच रेल कनेक्टिविटी भी समाप्त हो गई थी। इससे स्थानीय लोगों को ऐशबाग से बरेली जंक्शन तक पहुंचने के लिए ऑटो आदि का सहारा लेना पड़ता था, जिससे उन्हें समय और पैसे की बर्बादी का सामना करना पड़ता था। अब, कासगंज-ऐशबाग एक्सप्रेस के शुरू होने से यह समस्या हल हो गई है और यात्रियों को एक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।









