Home Remedies for Wet Salt: बारिश के मौसम में नमक हो गया है गीला-गीला? इन आसान घरेलू उपायों से मिनटों में दूर होगी नमी

मानसून का मौसम गर्मी से राहत देने के साथ ही अपने साथ नमी भी लाता है, जिससे घर के अंदर हर चीज में सीलन महसूस होने लगती है। इस मौसम में खासकर रसोई में रखे मसाले,
मानसून का मौसम गर्मी से राहत देने के साथ ही अपने साथ नमी भी लाता है, जिससे घर के अंदर हर चीज में सीलन महसूस होने लगती है। इस मौसम में खासकर रसोई में रखे मसाले, विशेषकर नमक, जल्दी ही हवा की नमी को सोख लेते हैं। जब नमक में नमी आ जाती है, तो वह चिपचिपा हो जाता है और नमकदानी से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो कुछ सरल और प्रभावी उपायों को अपनाकर अपने नमक को सूखा और ताजा रख सकते हैं। सबसे पुराना और प्रभावी तरीका कच्चे चावल का उपयोग करना है। यदि आप नमकदानी या जार में नमक रख रहे हैं, तो उसमें कच्चे चावल के 8 से 10 दाने डाल दें। चावल में प्राकृतिक रूप से नमी को सोखने की क्षमता होती है, जिससे नमक सूखा रहता है और आसानी से बाहर आता है। आप चाहें तो चावल को एक छोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर भी जार में डाल सकते हैं।
अक्सर लोग नमक को प्लास्टिक के डिब्बों या पैकेट में खुला छोड़ देते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में प्लास्टिक के कंटेनर हवा की नमी को पूरी तरह से रोक नहीं पाते। इसलिए, मानसून आते ही नमक को हमेशा कांच के एयरटाइट जार में स्थानांतरित कर दें। कांच के बर्तन बाहर की हवा और नमी को अंदर जाने से रोकते हैं। जब भी नमक निकालें, जार का ढक्कन तुरंत और अच्छी तरह से बंद कर दें ताकि अंदर हवा न जा सके। इसके अलावा, रसोई में मौजूद लौंग भी नमक को सुरक्षित रखने में मदद करती है। नमक के डिब्बे में 4 से 5 लौंग डाल देने से नमक में सीलन नहीं आती और उसमें एक अच्छी खुशबू भी बनी रहती है। आप राजमा के दो-तीन दाने भी नमक के डिब्बे में डाल सकते हैं, क्योंकि राजमा भी चावल की तरह नमी को अपने अंदर खींच लेता है।









