How to Withdraw FIR: एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया क्या है?

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, अब एफआईआर वापस लेने की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। कई राज्यों की स
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, अब एफआईआर वापस लेने की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। कई राज्यों की सरकारों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने का निर्णय लिया है। लेकिन, सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज एफआईआर को आसानी से वापस लिया जा सकता है? यदि ऐसा संभव है, तो इसकी प्रक्रिया क्या होगी और क्या एफआईआर वापस लेने के बाद आरोपी पूरी तरह से मुक्त हो जाते हैं? इस विषय पर कुछ पुलिस अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई है। जानकारों के अनुसार, सरकार की घोषणा के बावजूद एफआईआर अपने आप समाप्त नहीं होती है। हर मामले में पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करनी होती है, जिसके बाद ही एफआईआर को निरस्त किया जा सकता है। विशेष रूप से उन मामलों में, जहां पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले, गंभीर चोट, दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं, अदालत की मंजूरी के बिना कार्रवाई करना संभव नहीं है। अदालत के माध्यम से ही एफआईआर को पूरी तरह से वापस लिया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब तक कोर्ट का आदेश नहीं आता और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक एफआईआर का अस्तित्व बना रहता है। आमतौर पर, एफआईआर को समाप्त करने के दो तरीके होते हैं। पहला, शासन यानी सरकार इसका निर्णय ले और लिखित में बताये कि वह केस नहीं चाहती, जिसके बाद एफआईआर को वापस लिया जा सकता है। लेकिन इस स्थिति में भी सरकारी वकील को यह बात कोर्ट में रखनी होती है, जहां से एफआईआर को रद्द किया जा सकता है। दूसरा, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर को निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि शासन भी एफआईआर खत्म करने के लिए सहमत हो जाता है, तो भी पूरी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया में पुलिस को एक रिपोर्ट तैयार करनी होती है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने से लेकर उसके अंत तक की पूरी जानकारी होती है। हर एफआईआर पर रिपोर्ट बनती है और उसे कोर्ट में पेश किया जाता है, जिसके बाद एफआईआर निरस्त होती है।









