IIT Bombay Suicide Case: सेकेंड इयर स्टूडेंट अपने कमरे में मृत पाया गया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जिसमें एक 20 वर्षीय छात्र ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। यह घटना 29 जुलाई 2026 की रात पवई
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जिसमें एक 20 वर्षीय छात्र ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। यह घटना 29 जुलाई 2026 की रात पवई स्थित हॉस्टल नंबर 4 के कमरे जी-4147 में हुई। मृतक छात्र की पहचान सोहिल राजकुमार सांगवान के रूप में हुई है, जो मटीरियल साइंस विभाग में दूसरे वर्ष का छात्र था। छात्र का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे कैंपस में शोक की लहर दौड़ गई है। इस घटना के बाद से छात्र के सहपाठी और शिक्षक गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पवई पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि छात्र ने अपने कमरे के सीलिंग फैन से बेडशीट का फंदा बनाकर यह खौफनाक कदम उठाया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि सोहिल मूल रूप से राजस्थान के पिलानी का रहने वाला था। उसके परिवार से जुड़े मुद्दों और निजी रिश्तों में तनाव की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने छात्र के मोबाइल और चैट्स की जांच की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक बातचीत से संकेत मिलता है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उसके परिवार के सदस्यों से भी संपर्क किया गया है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र के आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने छात्र के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बारीकी से विश्लेषण करने का निर्णय लिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या कोई विशेष दबाव या मानसिक तनाव था जिसने छात्र को इस कठोर निर्णय लेने पर मजबूर किया। इस घटना ने न केवल संस्थान के छात्रों को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे देश में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई जा रही है। इस संदर्भ में, यदि किसी को आत्महत्या का विचार आ रहा है, तो उन्हें तुरंत मदद लेनी चाहिए। भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। यह एक गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है और विशेषज्ञ मदद के लिए उपलब्ध हैं।











