Impact of 'Nipun Haryana' Initiative: सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर में सुधार

हरियाणा में 'निपुण हरियाणा' पहल का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2021 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य बच्च
हरियाणा में 'निपुण हरियाणा' पहल का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2021 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत, 202627 तक हर बच्चे को कक्षा 3 के अंत तक पढ़ाई में सक्षम बनाना है, ताकि वे प्रारंभिक कक्षाओं में ही पढ़ना, लिखना और गणित की बुनियादी समझ विकसित कर सकें। इससे बच्चों को आगे की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। हाल ही में किए गए टीचिंग-लर्निंग प्रैक्टिसेस सर्वे 2025 के अनुसार, विद्यार्थियों की दक्षता में सुधार हुआ है। इस सर्वे में यह पाया गया कि कैटेगरी-ए स्कूलों की संख्या 7 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है, जबकि कैटेगरी-सी स्कूलों की संख्या 74 प्रतिशत से घटकर 23 प्रतिशत रह गई है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशनल के सीनियर एकेडमिक प्रोफेशनल अजय गुप्ता ने बताया कि टीचिंग-लर्निंग प्रैक्टिसेस सर्वे 2025 में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) को लेकर सकारात्मक पहलें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की त्रुटियों को समय पर समझना और सुधारना आवश्यक है, क्योंकि कक्षा में छोटे-छोटे बदलाव भी बच्चों के सीखने में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। सर्वे के अनुसार, कक्षा दूसरी के विद्यार्थियों का साक्षरता स्तर 46.5 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया है, जबकि कक्षा तीसरी का साक्षरता स्तर 44.2 प्रतिशत से बढ़कर 61.4 प्रतिशत हुआ है। इसके अलावा, प्रति मिनट 45 शब्द पढ़ने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 48 से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गया है।









