Improvement in Ration Distribution: अमेठी में सुधरेगी राशन वितरण व्यवस्था, जिले में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे 250 अन्नपूर्णा भवन

अमेठी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 250 अन्नपूर्णा भवनों क
अमेठी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 250 अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की योजना बनाई है, जिन पर कुल 21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण पर लगभग 8.40 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इन भवनों का निर्माण 200 भवन वीबीजीरामजी और 50 भवन विभाग की ओर से किया जाएगा। यह पहल गरीब परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे राशन वितरण प्रणाली को और मजबूत किया जा सके। अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण से उपभोक्ताओं को अनाज के साथ-साथ कामन सर्विस सेंटर जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है, और जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा, डोर स्टेप डिलीवरी के तहत सिंगल स्टेप व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें राशन सीधे ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से कोटेदारों तक पहुंचता है। पहले गांवों में सकरे रास्तों के कारण राशन की आपूर्ति में कठिनाई होती थी, जिससे लोगों को समय पर राशन नहीं मिल पाता था। लेकिन अब इस समस्या का समाधान किया जाएगा। 2023-24 में 75, 2024-25 में 75 और 2025-26 में 92 अन्नपूर्णा भवन बनाए जा चुके हैं। 2026-27 में 250 मॉडल शॉप का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 50 भवन विभागीय और 200 वीबीजीरामजी के तहत बनाए जाएंगे। कुछ भवनों के लिए भूमि मिल चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण से उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी। राशन वितरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। भूमि मिलने के बाद अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इन भवनों के माध्यम से न केवल राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि अन्य सुविधाएं भी उपभोक्ताओं को प्रदान की जाएंगी। इस प्रकार, अमेठी में राशन वितरण व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे गरीब परिवारों को लाभ होगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।









