Inauguration of Shravan Mela: सुल्तानगंज का नाम अब अजगैवीनाथ धाम होगा

भागलपुर के सुल्तानगंज में आयोजित श्रावणी मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांवरियों की सेवा और क्षेत्र के विकास की योजनाओं का खाका प्रस्तु
भागलपुर के सुल्तानगंज में आयोजित श्रावणी मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांवरियों की सेवा और क्षेत्र के विकास की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक पर्व के रूप में मनाया जाता है। भागलपुर, मुंगेर और बांका के लोग साल भर सावन का इंतजार करते हैं ताकि वे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत कर सकें। मुख्यमंत्री ने बाबा अजगैवी नाथ के चरणों में प्रणाम करते हुए बिहार की समृद्धि और विकास के लिए भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने लोगों से सुल्तानगंज का नाम अजगैवीनाथ धाम लिखने का आग्रह किया और कहा कि नाम बदलने के लिए किसी का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। जब लोग इस नाम को अपनाएंगे, तो प्रशासन भी इसे लिखना शुरू कर देगा।
मुख्यमंत्री ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, पर्यटन, पथ निर्माण, जल संसाधन और पीएचईडी जैसे विभिन्न विभागों की टीमों की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांवर यात्रा सामाजिक समानता का एक बड़ा उदाहरण है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक ही उद्देश्य से यात्रा करते हैं। कांवरिये उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। मुख्यमंत्री ने अजगैवीनाथ मंदिर और गंगा के घाटों के विकास का आश्वासन दिया और कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर घाट विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा, मुंगेर से भागलपुर तक गंगा पथ बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें अगवानी-सुल्तानगंज पुल का निर्माण, डाल्फिन पर्यटन की व्यवस्था, और प्रस्तावित एयरपोर्ट का विकास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अजगैवीनाथ एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा और यहां फोरलेन सड़क का निर्माण भी जल्द शुरू होगा। इसके साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में भी कई योजनाएं चल रही हैं, जिसमें 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है। मुख्यमंत्री ने रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी आश्वासन दिया और कहा कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था की जाएगी। समारोह के अंत में, उन्होंने श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और क्षेत्र से जुड़ी मांगों को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।









