Income Tax Raids in Bengal: अमित शाह के दौरे के बाद स्वास्थ्य कारोबार पर आयकर का शिकंजा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया दौरे के बाद, आयकर विभाग ने उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। सिलीगुड़ी, कूचबिहार, मालदा और बिहार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया दौरे के बाद, आयकर विभाग ने उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। सिलीगुड़ी, कूचबिहार, मालदा और बिहार के किशनगंज में मंगलवार को 15 निजी नर्सिंग होम और आइवीएफ सेंटरों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की आय छिपाने, काला धन और बेनामी संपत्तियों में निवेश के सबूत मिले हैं। आयकर विभाग (इन्वेस्टिगेशन) सिलीगुड़ी के एडीआइटी तारकेश्वर दत्त के नेतृत्व में सौ से अधिक अधिकारियों की टीम ने सुबह से ही कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान सिलीगुड़ी के एक नर्सिंग होम और तीन आइवीएफ सेंटरों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इस अभियान के लिए कोलकाता और पटना से भी टीमें बुलाई गई थीं और सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई थी। इस छापेमारी की सूचना से स्वास्थ्य कारोबार से जुड़े संस्थानों और चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई निजी नर्सिंग होम और आइवीएफ सेंटरों द्वारा मरीजों से वसूली जाने वाली फीस, बेड शुल्क, दवाइयों और विभिन्न जांचों से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा आयकर रिटर्न में नहीं दिखाए जाने के संकेत मिले हैं। विभाग का संदेह है कि वास्तविक आय का बड़ा हिस्सा छिपाकर करोड़ों रुपये का काला धन और बेनामी संपत्तियां अर्जित की गई हैं। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों से कंप्यूटर रिकार्ड, डिजिटल डाटा, बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज आदि जब्त किए। इस कार्रवाई के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 18 जुलाई को सिलीगुड़ी दौरे के दौरान की गई बैठक का भी हाथ है, जिसमें सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बैठक में उत्तर बंगाल के राजस्व और वित्तीय गतिविधियों की समीक्षा की गई थी और संदिग्ध मामलों की निगरानी तेज करने का निर्देश दिया गया था। विशेष रूप से, आय से अधिक संपत्ति के साथ बांग्लादेशी दंपति के बच्चों को भारतीय जन्म प्रमाण पत्र मुहैया कराने वाले नर्सिंग होम और आइवीएफ सेंटरों पर नकेल कसने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। छापेमारी में जब्त किए गए दस्तावेजों में बांग्लादेशी मरीजों से जुड़े रिकार्ड की भी जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि इन नर्सिंग होम और आइवीएफ सेंटरों में कितने बांग्लादेशी दंपतियों के बच्चों का जन्म हुआ और उन्हें जारी किए गए दस्तावेजों की स्थिति क्या है। हाल ही में राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस ने नगर निगम, ग्राम पंचायतों और मेडिकल कालेजों से जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों से संबंधित रिकार्ड भी जब्त किए हैं। इन अभिलेखों का मिलान कर संदिग्ध मामलों और कथित फर्जी प्रमाणपत्रों की भी जांच की जाएगी।









