Indore Metro Construction: इंदौर में मेट्रो की अंडरग्राउंड खुदाई का काम सितंबर में शुरू होगा

इंदौर में मेट्रो निर्माण का कार्य अब एक नई गति पकड़ने जा रहा है। शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक बनाने के लिए थाईलैंड से आयातित टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर
इंदौर में मेट्रो निर्माण का कार्य अब एक नई गति पकड़ने जा रहा है। शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक बनाने के लिए थाईलैंड से आयातित टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे इंदौर पहुंच चुके हैं। यह मशीन जमीन से लगभग 20 मीटर नीचे सुरंग बनाने में सक्षम होगी। मशीन के असेंबल होने में एक से डेढ़ माह का समय लगेगा, जिसके बाद खुदाई का कार्य प्रारंभ होगा। इंदौर में कुल चार टीबीएम मशीनें लाई जाएंगी, जिनका वजन लगभग एक-एक हजार टन होगा। इन मशीनों का उपयोग शहर के विभिन्न हिस्सों में सुरंग निर्माण के लिए किया जाएगा। वर्तमान में, पहली मशीन एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थापित की जा रही है, क्योंकि इस अंडरग्राउंड हिस्से को सबसे पहले एलिवेटेड ट्रैक से जोड़ा जाएगा।
इंदौर मेट्रो परियोजना का पहला चरण 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण था, और अब परियोजना का अगला चरण अंडरग्राउंड ट्रैक का निर्माण है। इसके लिए मेट्रो रेल परियोजना से जुड़ी एजेंसी ने थाईलैंड समेत अन्य देशों से टीबीएम मशीन के पुर्जे मंगवाए हैं। इन पुर्जों को इंदौर में ही असेंबल किया जाएगा। पहली मशीन के अधिकांश पुर्जे 11 ट्रॉलियों के माध्यम से इंदौर पहुंच चुके हैं और उन्हें जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला ने बताया कि टीबीएम मशीन के अधिकांश पुर्जे इंदौर पहुंच चुके हैं, लेकिन मशीन का कटर हेड अभी आना बाकी है, जो सुरंग बनाने के लिए आवश्यक है।
अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक का निर्माण टीबीएम मशीनों की सहायता से किया जाएगा। मशीन के अगले हिस्से में लगा गोलाकार कटर हेड मिट्टी और चट्टानों को काटकर सुरंग तैयार करेगा। खुदाई के दौरान निकलने वाला मलबा कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से मशीन के पीछे तक पहुंचाया जाएगा और वहां से सुरंग के बाहर निकाला जाएगा। जिन हिस्सों में खुदाई पूरी हो जाएगी, वहां पहले से तैयार कंक्रीट के सेगमेंट लगाए जाएंगे। ये सेगमेंट सुरंग की दीवारों को मजबूती प्रदान करेंगे और मिट्टी धंसने से बचाएंगे, जिससे सुरंग सुरक्षित और स्थायी बनी रहेगी। इस परियोजना से इंदौर के परिवहन में सुधार होगा और शहरवासियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।









