Industrial Development in Himachal: औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख, भाव्या योजना के लिए गठित हुई विभागीय समिति

हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग विभाग ने केंद्र सरकार
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग विभाग ने केंद्र सरकार की प्रमुख भारत औद्योगिक विकास योजना, जिसे भाव्या योजना कहा जाता है, के तहत विभिन्न औद्योगिक योजनाओं को लागू करने के लिए एक 5 सदस्यीय विभागीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना और राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जिससे यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। समिति में अतिरिक्त उद्योग निदेशक (विकास) को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि अन्य सदस्यों में संयुक्त उद्योग निदेशक (प्रोजेक्ट्स), हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधीक्षण अभियंता और उप-नियंत्रक शामिल हैं। इसके अलावा, संयुक्त उद्योग निदेशक (प्लाट्स) को सदस्य सचिव और समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की संरचना इस बात को सुनिश्चित करती है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का समावेश हो, ताकि औद्योगिक विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
समिति का एक महत्वपूर्ण कार्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में परियोजनाओं को लागू करने के लिए निजी डेवलपर्स की पहचान करना और उनका चयन करना है। यह समिति चयनित एजेंसियों और भूमि का ब्योरा उद्योग आयुक्त और निदेशक को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। समिति की जिम्मेदारी केवल चयनित एजेंसियों की पहचान करना ही नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का सही चयन किया जाए। इसके लिए, समिति एमएसएमई क्लस्टर के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करने के लिए भी कार्य करेगी। यह कदम राज्य में छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।









