Heavy Penalty on Infosys: फ्रांस ने कर्मचारियों की टाइम ट्रैकिंग पर लगाया जुर्माना

भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस को फ्रांस की एक सरकारी श्रम प्राधिकरण द्वारा 1,75,000 यूरो (लगभग 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई कंपनी के
भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस को फ्रांस की एक सरकारी श्रम प्राधिकरण द्वारा 1,75,000 यूरो (लगभग 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई कंपनी के कर्मचारियों के कार्य समय को रिकॉर्ड करने वाले सिस्टम के संबंध में की गई है। यूरोप में कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून हैं, जिनके तहत कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक काम नहीं ले सकती, जब तक कि इसके लिए अतिरिक्त भुगतान न किया जाए। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक काम करने से मना करता है और कंपनी उस पर दबाव डालती है, तो कंपनी पर जुर्माना लगाया जा सकता है। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि इंफोसिस का टाइम ट्रैकिंग सिस्टम वहां के कानूनों के अनुरूप नहीं था। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इस जुर्माने का उसके व्यवसाय या वित्तीय स्थिति पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इंफोसिस ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि उसे DRIEETS le-de-France नामक फ्रांसीसी श्रम प्राधिकरण से जुर्माना वसूलने का नोटिस प्राप्त हुआ है। कंपनी के अनुसार, यह मामला कर्मचारियों के कार्य समय को रिकॉर्ड करने वाले सिस्टम से संबंधित है। अधिकारियों ने जांच में पाया कि यह सिस्टम फ्रांस के श्रम कानूनों की कुछ आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं कर रहा था। रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांसीसी प्राधिकरण ने कहा कि इंफोसिस के सिस्टम में विश्वसनीयता, रिकॉर्ड की जांच और कर्मचारियों के कार्य समय की सही निगरानी से संबंधित कमियां पाई गईं। इसका मतलब है कि सिस्टम हर कर्मचारी के कार्य समय को उस तरीके से रिकॉर्ड नहीं कर पा रहा था, जैसा कि फ्रांस के कानून में आवश्यक है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह मामला किन कर्मचारियों पर लागू होता है।









