Insurance Claim Denied: उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को चुकाने का दिया आदेश

धर्मशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला उपभोक्ता आयोग कांगड़ा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिका
धर्मशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला उपभोक्ता आयोग कांगड़ा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता अनिता शर्मा को 2,30,124 रुपये की क्लेम राशि का भुगतान करे। इसके साथ ही, आयोग ने यह भी निर्देशित किया है कि शिकायत दायर करने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। इसके अतिरिक्त, मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और असुविधा के लिए 20,000 रुपये का मुआवजा और मुकदमे के खर्च के रूप में 15,000 रुपये अलग से देने का आदेश भी दिया गया है। यह आदेश उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्यों आरती सूद तथा नारायण ठाकुर की खंडपीठ द्वारा सुनाया गया है।
अनिता शर्मा, जो नगर निगम और तहसील पालमपुर की निवासी हैं, ने वर्ष 2019 में स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। बाद में, अगस्त 2022 में उन्होंने सभी कंटिन्यूटी बेनिफिट्स के साथ अपनी पॉलिसी को निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में पोर्ट कराया। उनकी पॉलिसी का नियमित नवीनीकरण होता रहा और यह 30 जुलाई 2024 से 29 जुलाई 2025 तक की फैमिली फ्लोटर पॉलिसी के रूप में प्रभावी थी।
जुलाई 2024 में अनिता शर्मा को स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मोहाली में जांच करानी पड़ी। जांच के दौरान ओवेरियन सिस्ट का पता चला और 13 से 14 अगस्त 2024 के बीच उनकी सर्जरी हुई, जिसका कुल खर्च 2,30,124 रुपये आया। जब उन्होंने बीमा कंपनी के पास क्लेम दाखिल किया, तो कंपनी ने 23 अगस्त 2024 को यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि यह पहले से मौजूद बीमारी है और इस पर 36 माह का वेटिंग पीरियड लागू होता है। कंपनी ने इसे वर्ष 2020 में हुई हिस्टेरेक्टामी सर्जरी से जोड़कर खारिज किया। इसके बाद अनिता शर्मा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की, जहां आयोग ने बीमा कंपनी की दलीलों को अस्वीकार करते हुए क्लेम राशि, ब्याज, मुआवजा और मुकदमे का खर्च अदा करने का आदेश दिया।









