International Human Trafficking and Cyber Fraud Racket: बंगाल के दुर्गापुर में सरगना गिरफ्तार

कोलकाता के डिजिटल डेस्क से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को बंगाल के दुर्गापुर में एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर धो
कोलकाता के डिजिटल डेस्क से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को बंगाल के दुर्गापुर में एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी मामले में गुलाम जामा उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया। वह इस गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था, जिसके खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं। एनआईए ने उसे दुर्गापुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर लेकर एनआईए की टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब एनआईए की एक छह सदस्यीय टीम ने दुर्गापुर के एक मकान पर छापेमारी की, जिसमें पुलिस भी उनके साथ थी। तीन घंटे की छापेमारी के बाद गुलाम जामा को गिरफ्तार किया गया।
गुलाम जामा का गिरोह युवकों को काम और अधिक वेतन का लालच देकर गैरकानूनी तरीके से थाईलैंड के बैंकाक के रास्ते म्यांमार भेजता था। वहां पर उन्हें साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। ये युवक अमेरिका, कनाडा और यूके के लोगों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर ठगी करते थे। यह गिरोह पिछले कुछ समय से सक्रिय था और गुलाम जामा ने बड़ी संख्या में युवकों को म्यांमार भेजा था। उल्लेखनीय है कि गुलाम जामा मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जगदलपुर का निवासी है, लेकिन पिछले दो वर्षों से वह दुर्गापुर में रह रहा था, जहां उसकी ससुराल भी है।
इस मानव तस्करी के मामले की शुरुआत तब हुई जब हरियाणा के चरखी दादरी के निवासी सुनील कुमार ने पिछले साल 15 नवंबर को चरखी दादरी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। सुनील स्वयं भी इस गिरोह का शिकार बना था। एनआईए की हरियाणा टीम ने इस मामले को पिछले वर्ष 21 दिसंबर को अपने हाथ में लिया था। जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि इस रैकेट के तार दुर्गापुर से भी जुड़े हुए हैं, जिसके बाद सोमवार को यहां छापेमारी की गई। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि एनआईए मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखेगी।









