Investigation Intensifies: 'वारिस पंजाब दे' सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की जांच तेज, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी निगरानी

संतोष श्रीवास्तव, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा के रुपईडीहा क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी नागरिक और पंजाब के अजनाला पुलिस स्टेशन में आगजनी के मामले में लिप्त 'वारिस
संतोष श्रीवास्तव, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा के रुपईडीहा क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी नागरिक और पंजाब के अजनाला पुलिस स्टेशन में आगजनी के मामले में लिप्त 'वारिस पंजाब दे' संगठन के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था में तेजी से बदलाव आया है। इस गिरफ्तारी के बाद से सीमा पर हलचल बढ़ गई है और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। यूपी एसटीएफ ने भी इस मामले में अपनी जांच को तेज कर दिया है। एसएसबी के जवान चौकसी बरतते हुए सीमा पर आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों की सघन जांच कर रहे हैं। इस दौरान, सुरक्षा बलों ने कई संदिग्ध व्यक्तियों को रोका और उनकी पहचान की।
रुपईडीहा सीमा पर तैनात एसएसबी 42वीं वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट अमित कुमार और इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी के नेतृत्व में जवानों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में घुसपैठ करने वाले दो संदिग्धों को पकड़ा। इनमें से एक मनवीर सिंह है, जो बिना वीजा के भारत में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था, जबकि दूसरा विक्रमजीत सिंह है, जो फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से सुरक्षा बलों को धोखा देने की कोशिश कर रहा था। पंजाब पुलिस पिछले तीन वर्षों से विक्रमजीत की तलाश कर रही थी, लेकिन वह विदेश में छिपा हुआ था। इन दोनों के अलावा, पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इनकी भारत में घुसपैठ कराने में मदद की थी।
अजनाला कांड में शामिल संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और विक्रमजीत को नेपाल के काठमांडू में ठहरने, खाने और आने-जाने की व्यवस्था पीलीभीत के पूरनपुर निवासी जोगा सिंह ने कराई थी, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, रुपईडीहा के महानंदपुरवा चितरहिया निवासी वाहन चालक राहुल, दिलीप और सुरेश पाठक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन सभी की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और भी सतर्क हो गई हैं। यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देवेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच की। माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती हैं। विक्रमजीत सिंह को पंजाब पुलिस वारंट बी के तहत 30 जुलाई को अमृतसर के अजनाला न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश करेगी।









