Investigation into Donations Theft: नई SIT पुरानी जांच रिपोर्टों का कर रही अध्ययन

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक नए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। हालांकि, अभी त
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक नए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। हालांकि, अभी तक इस नए दल ने अपनी जांच प्रक्रिया शुरू नहीं की है। वर्तमान में, एसआईटी के अधिकारी पुरानी रिपोर्टों और पुलिस की जांच का गहन अध्ययन कर रहे हैं। इस दौरान यदि कुछ नए तथ्य सामने आते हैं या कोई अस्पष्ट सवाल मिलते हैं, तो इससे जांच की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। नई एसआईटी उन ट्रस्ट कर्मियों, ट्रस्टियों और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है, जिनका अब तक बयान नहीं लिया गया है और जिनका नाम प्राथमिकी में भी नहीं है।
इस मामले में चोरी की घटना सामने आने के बाद मंदिर से जुड़े कई लोगों पर सवाल उठे थे, जो इस प्रकरण से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े थे। पिछले महीने जून में चढ़ावा की गणना के दौरान चोरी की घटना का खुलासा हुआ था, जिसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक जांच कराई थी। इस जांच में संदिग्ध कर्मियों से बड़ी धनराशि भी रिकवर की गई थी। लेकिन जब यह मामला मीडिया में सुर्खियों में आया और हंगामा मचा, तो ट्रस्ट ने राज्य सरकार से जांच की संस्तुति की थी। एसआईटी के गठन के बाद, 15 जून से मामले की जांच शुरू की गई थी, जिसमें छह दिनों के भीतर लगभग डेढ़ सौ कर्मियों से पूछताछ की गई थी। इनमें कई संदिग्ध भी शामिल थे, जिनकी भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें केवल आठ लोगों को शामिल किया गया था। इनमें से छह गणना कर्मी और दो ट्रस्ट कर्मी थे। जांच के दौरान दान में दिए गए आभूषणों के लापता होने, भूमि खरीद में वास्तविक कीमत से अधिक धनराशि दिए जाने और विभिन्न आयोजनों पर अधिक भुगतान किए जाने जैसे आरोपों का जवाब अभी तक सामने नहीं आया है। ट्रस्ट की ओर से 6 जुलाई को हुई बैठक में तीन-चार प्रकार के आभूषणों की जानकारी सार्वजनिक की गई थी, जिसमें दान के सभी आभूषण सुरक्षित होने का दावा किया गया था। लेकिन इससे उन दानदाताओं को संतोष नहीं मिला, जिन्होंने आरोप लगाए थे। अब नई एसआईटी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अनसुलझे सवालों को सुलझाना होगा। हालांकि, एसएसपी अयोध्या डा. गौरव ग्रोवर ने कहा है कि उन्हें अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और वह पहले से चल रही जांच का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।









