Investigation report on Saidalajab accident: दिल्ली के सैदुलाजाब हादसे की जांच रिपोर्ट लापरवाही उजागर

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब में 30 मई को हुए दर्दनाक इमारत हादसे की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने नगर निगम (एमसीडी) की कार्यप्रणाली पर गं
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब में 30 मई को हुए दर्दनाक इमारत हादसे की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने नगर निगम (एमसीडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस 80 पन्नों की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि समय पर शिकायतों पर कार्रवाई की गई होती और निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी की जाती, तो छह लोगों की जान बचाई जा सकती थी। रिपोर्ट के अनुसार, इमारत में चार मंजिलों के ऊपर दो अतिरिक्त मंजिलों का अवैध निर्माण किया जा रहा था। इसके अलावा, मकान मालिक द्वारा जमीन के नीचे पानी की टंकी बनाने के लिए बेसमेंट की खुदाई की गई थी, जिससे इमारत का ढांचा कमजोर हो गया था। इस स्थिति के कारण निर्माण के दौरान पूरी इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे नीचे स्थित कैंटीन और पास के कोचिंग संस्थान भी इसकी चपेट में आ गए। रिपोर्ट में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
दिल्ली सरकार ने इस हादसे की परिस्थितियों की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए थे। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। दक्षिण दिल्ली के जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, इस इमारत के मालिक के पास कोई स्वीकृत बिल्डिंग प्लान नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि एमसीडी को 9 मार्च को इस अवैध निर्माण के खिलाफ एक शिकायत मिली थी, जिसे 12 मार्च को संबंधित अधिकारियों को आगे भेज दिया गया था। मार्च में शिकायत मिलने के बाद 27 मई को कारण बताओ नोटिस और 29 मई को काम रोकने का नोटिस जारी किया गया, जबकि 30 मई को भवन ढह गया। रिपोर्ट ने इन दस्तावेजों की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए हैं।









