IPS Officers in Jharkhand: झारखंड कैडर के 26 आईपीएस अधिकारी माओवाद और आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं

रांची से दिलीप कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड कैडर के 26 आईपीएस अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों में माओवाद, आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ मोर्चा संभाल रहे हैं।
रांची से दिलीप कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड कैडर के 26 आईपीएस अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों में माओवाद, आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ मोर्चा संभाल रहे हैं। ये अधिकारी न केवल माओवादियों और आतंकवादियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि अपनी काबिलियत के बल पर बेहतर अनुसंधान के जरिए अपनी योग्यता को भी साबित कर रहे हैं। इन अधिकारियों की मेहनत और समर्पण ने उन्हें विभिन्न सुरक्षा बलों में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचा दिया है, जहां वे अपने-अपने क्षेत्रों में कुशल नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए, सीबीआई, और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसे संगठनों में ये अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
इन अधिकारियों की कार्यक्षमता और नेतृत्व कौशल ने उन्हें जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों से लेकर सीमा की निगरानी तक में एक मजबूत उपस्थिति बनाने में मदद की है। उदाहरण के लिए, वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी अमोल वीनुकांत होमकर जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के दो तिहाई हिस्से का नेतृत्व कर रहे हैं। वे सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर के आइजी हैं और उनकी रणनीतियों ने क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत किया है। इसी तरह, 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार झा बांग्लादेश सीमा पर पश्चिम बंगाल के मालदा में बीएसएफ के डीआईजी के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा, अन्य कई आईपीएस अधिकारी भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। डॉ. एम. तमिलवाणन (2008 बैच) वर्तमान में सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद में संयुक्त निदेशक हैं। वहीं, पी. मुरुगन (2010 बैच) सीबीआई तमिलनाडु में एसपी के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, शिवानी तिवारी (2011 बैच, सीबीआई लखनऊ), चंदन कुमार झा (2011 बैच, आइटीबीपी), जया राय (2011 बैच, एनआईए), और अन्य कई अधिकारी भी अपनी-अपनी जगहों पर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ये सभी अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।









