Irrigation benefits for farmers in Bihar: बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर समेत छह जिलों के किसानों को बेहतर सिंचाई का लाभ

बेतिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में किसानों को रबी मौसम में बेहतर सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस वर्ष खरीफ मौसम में कि
बेतिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में किसानों को रबी मौसम में बेहतर सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस वर्ष खरीफ मौसम में किसानों को कुल क्षमता का केवल 50 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध हो पाया है, लेकिन अब पूर्वी नहर प्रणाली में 33 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्स्थापन कार्य पूरा होने के बाद सिंचाई की स्थिति में सुधार होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोन नहर और त्रिवेणी नगर में पुनर्स्थापन कार्य शुरू हो चुका है और इसे रबी मौसम के आगमन से पहले पूरा करने की योजना है। इससे नहरों की जल प्रभाव क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी।
पूर्वी नहर प्रणाली में, दोन नहर से वर्तमान में 6200 क्यूसेक की जगह 850 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के साथ-साथ नेपाल को भी पानी की आपूर्ति की जा रही है। त्रिवेणी शाखा नहर में 700 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि इसकी क्षमता 2500 क्यूसेक है। इसी प्रकार, तिरहुत मुख्य नहर से 4500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है, जो अपनी कुल क्षमता का केवल 25 प्रतिशत है। पुनर्स्थापन कार्य पूरा होने के बाद, सभी नहरों से पानी का प्रवाह उनकी पूरी क्षमता के अनुसार होगा, जिससे नहरों पर निर्भर किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पूर्वी नहर प्रणाली से जिले के 1.75 लाख हेक्टेयर और उत्तर बिहार के छह जिलों के 6 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की जाती है। इस प्रकार, बड़ी संख्या में किसान इस नहर प्रणाली से लाभान्वित होंगे। तिरहुत मुख्य नहर के 163 किलोमीटर से पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, समस्तीपुर और वैशाली को अपनी क्षमता 5400 क्यूसेक की जगह केवल 850 क्यूसेक पानी मिल रहा है, जिसका मुख्य कारण पुनर्स्थापन कार्य है। एनईपी के निदेशक पुरुषोत्तम त्रिवेदी के अनुसार, वीबीजीरामजी योजना के तहत जिले में 200 से अधिक सिंचाई योजनाओं पर कार्य पूरा किया गया है, जिसमें वितरणियों की सफाई भी शामिल है। इससे नहरों से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।









