Political Statement: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने का फैसला केवल मोदी और शाह ही ले सकते हैं: उमर अब्दुल्ला

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने का निर्णय केवल प्रधानमंत्री न
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने का निर्णय केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ही ले सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि जम्मू-कश्मीर में सरकारी कार्य संचालन नियमों से संबंधित फाइल को मंजूरी नहीं मिल रही है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि इस मामले में और देरी होती है, तो उनकी सरकार इसे केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के लिए तैयार है। यह बयान उन्होंने दक्षिण कश्मीर के हलमुला-संगम, अनंतनाग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा के उस कथित बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस नहीं आएगा और न ही अनुच्छेद 370 की बहाली होगी। इस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सुनील शर्मा हर दिन 10 बयान देते हैं और उनके हर बयान का जवाब देने का उनके पास समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह ऐसे मामलों में सुनील शर्मा से सलाह लेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक दिन ऐसा आ सकता है जब सुनील शर्मा सुबह उठकर अखबारों में पढ़ेंगे कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया गया है।
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश के बिजनेस रूल्स से जुड़े सवाल पर कहा कि बिजनेस रूल्स की फाइल अभी भी लंबित है और उनकी सरकार इसके अनुमोदन का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि इसमें और देरी होती है, तो उनकी सरकार इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजनेस रूल्स जम्मू-कश्मीर प्रशासन के बेहतर संचालन और मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रभावी शासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार लंबित प्रशासनिक मामलों के शीघ्र समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है। उमर अब्दुल्ला ने विश्वास जताया कि सभी लंबित मुद्दों का समाधान आपसी सहयोग और सकारात्मक बातचीत के जरिए निकाला जाएगा।









