Weather Alert in Jharkhand: झारखंड में 31 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 30-40 KM/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रांची से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के आसपास पिछले 6 घंटों में एक गहरा दबाव बना है, ज
रांची से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के आसपास पिछले 6 घंटों में एक गहरा दबाव बना है, जो 7 किमी प्रति घंटे की धीमी गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह दबाव पश्चिम बंगाल के दीघा से लगभग 20 किमी पूर्व, कोंटाई से 20 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, सागर द्वीप से 40 किमी पश्चिम, हल्दिया से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, बालासोर से 80 किमी पूर्व और कैनिंग से 120 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिससे 28 जुलाई की सुबह तक यह दीघा के पूर्व और हल्दिया के पश्चिम में पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तटों को पार कर सकता है। इस स्थिति के चलते तेज वर्षा की संभावना जताई गई है और इसके लिए एक एडवाइजरी भी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि 28 जुलाई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र जैसे पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के अलावा दक्षिणी हिस्से में पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गुमला, बोकारो और लोहरदगा जैसे मध्य भागों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। यह स्थिति 31 जुलाई तक बनी रहेगी।
पिछले 24 घंटों के मौसम की स्थिति पर नजर डालें तो राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई है। पश्चिम सिंहभूम के झींकपानी में सबसे अधिक वर्षा 61.4 मिमी रिकॉर्ड की गई है। वहीं, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में और न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक उपाय करने की सलाह दी है, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचा जा सके।









