Johar University under threat: जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी अब बुलडोजर के साये में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर में बने 40 भवन
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी अब बुलडोजर के साये में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर में बने 40 भवनों में से 38 को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि इन भवनों का निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया गया था। प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी को 15 दिन का समय दिया है कि वह इन भवनों को स्वयं हटा ले। यदि यूनिवर्सिटी निर्धारित समय में ऐसा नहीं करती है, तो प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई करेगा। अगर ऐसा होता है, तो आजम खान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट मलबे में तब्दील हो जाएगा। जौहर यूनिवर्सिटी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। यह यूनिवर्सिटी 2006 में समाजवादी सरकार के दौरान स्थापित की गई थी और इसका उद्घाटन 2012 में हुआ था। यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी, लॉ, बीएड, मैनेजमेंट, पैरामेडिकल और रिसर्च जैसे कई कोर्स प्रदान करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या में कमी आई है। 2017 से 2020 तक यूनिवर्सिटी का सबसे पीक वक्त माना जाता है, जब बड़ी संख्या में छात्र यहां पढ़ाई कर रहे थे। अब भी नए एडमिशन चल रहे हैं, लेकिन स्थिति पहले जैसी नहीं रही। यूनिवर्सिटी के विवादों की शुरुआत भी इसके निर्माण के कुछ साल बाद हुई थी। आरोप है कि किसानों की जमीनों पर कब्जा किया गया और सरकारी जमीनों का गलत तरीके से अधिग्रहण किया गया। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगे हैं। ईडी ने इस मामले में कई सवाल उठाए हैं और प्रशासन से जानकारी मांगी है। अब रामपुर प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के चलते 38 भवनों को हटाने का आदेश दिया है। जौहर यूनिवर्सिटी का परिसर 250 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें कई बिल्डिंग्स और सुविधाएं हैं। यहां विज्ञान, लॉ, शिक्षा, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, नर्सिंग और एग्रीकल्चर से जुड़े कोर्स करवाए जाते हैं। इसके अलावा, यहां खेलों के लिए भी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के अनुसार, यहां 90 से अधिक शिक्षक 24 अलग-अलग विषयों को पढ़ाते हैं। दावा किया गया है कि यूनिवर्सिटी में एक पुस्तकालय है, जिसमें 40,000 से अधिक किताबें हैं और इंटरनेट सुविधा से लैस कंप्यूटर लैब भी हैं। इस प्रकार, जौहर यूनिवर्सिटी का भविष्य अब अनिश्चितता के दौर में है, और देखना यह होगा कि क्या यह अपने भवनों को बचा पाती है या नहीं।









