Strict Helmet Rule in Kanpur: CSJM विश्वविद्यालय में नो हेलमेट-नो एंट्री का सख्त पालन

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में मंगलवार को नो हेलमेट-नो एंट्री अभियान के दूसरे दिन सुरक्षा नियमों के प्रति सख्ती का अनुपालन किया गया। इस दौरान, बिना हेल
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में मंगलवार को नो हेलमेट-नो एंट्री अभियान के दूसरे दिन सुरक्षा नियमों के प्रति सख्ती का अनुपालन किया गया। इस दौरान, बिना हेलमेट के विश्वविद्यालय में प्रवेश करने वाले 30 से अधिक छात्रों, 10 कर्मचारियों और 02 शिक्षकों को चेतावनी देते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से वापस लौटा दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया। छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट पहनना न केवल कानून का पालन करना है, बल्कि यह उनकी सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। इस अभियान के तहत, सभी छात्रों और कर्मचारियों को हेलमेट पहनकर ही विश्वविद्यालय में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है।
विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी डॉ. अंकित त्रिवेदी ने बताया कि मंगलवार को विवि के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों पर प्रोक्टोरियल टीम और सुरक्षा गार्डों को विशेष रूप से तैनात किया गया था। पहले दिन कुछ ढिलाई देखने को मिली थी, जिसके कारण कई छात्र बिना हेलमेट के परिसर में घूमते हुए पाए गए थे। इस स्थिति को देखते हुए कुलानुशासक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी के निर्देश पर दूसरे दिन कड़ाई से चेकिंग अभियान चलाया गया। सुरक्षा बलों ने बिना हेलमेट आने वाले छात्रों और कर्मचारियों को रोककर उन्हें वापस भेजा, जिससे परिसर में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
बिना हेलमेट आने वाले छात्रों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक अनूठी पहल भी की। कुलानुशासक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक हेलमेट बेचने का स्टाल लगाया गया। इस स्टाल से कई छात्रों ने तुरंत हेलमेट खरीदा और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए परिसर में प्रवेश किया। इस पहल से न केवल छात्रों को हेलमेट उपलब्ध हुआ, बल्कि उन्हें सुरक्षा नियमों के महत्व का भी एहसास हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह कोशिश छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।









