Ring Road in Kanpur: मंधना-सचेंडी पैकेज-1 का 65% काम पूरा, नए साल में शुरू होगा वाहनों का आवागमन

कानपुर शहर में जाम की समस्या को हल करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा रिंग रोड परियोजना तेजी से प्रग
कानपुर शहर में जाम की समस्या को हल करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा रिंग रोड परियोजना तेजी से प्रगति कर रही है। इस परियोजना के पहले चरण, जिसे मंधना से सचेंडी (पैकेज-1) के नाम से जाना जाता है, का लगभग 65 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एनएचएआइ ने नए साल की शुरुआत में इस रिंग रोड पर वाहनों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इस रिंग रोड के निर्माण से अलीगढ़-कानपुर हाईवे और चकेरी-इटावा हाईवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे जीटी रोड पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी और जाम की समस्या में राहत मिलेगी।
इस रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 93 किलोमीटर है और इसका निर्माण लगभग 40 अरब रुपये के बजट से किया जा रहा है। यह परियोजना कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव जिलों को जोड़ते हुए चार चरणों में पूरी होगी। एनएचएआइ का लक्ष्य वर्ष 2028 तक इस रिंग रोड का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरा करना है। रिंग रोड के पूरा होने के बाद शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। इसके अलावा, कानपुर-इटावा, जीटी रोड, झांसी, कानपुर-सागर, प्रयागराज और लखनऊ जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग भी सीधे रिंग रोड से जुड़ जाएंगे।
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता रिंग रोड पर प्रस्तावित 13 टोल प्लाजा हैं, जो उन स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां से रिंग रोड पर प्रवेश या निकास होगा। टोल टैक्स दूरी के आधार पर लिया जाएगा, जिसका मतलब है कि वाहन चालक जिस स्थान से रिंग रोड में प्रवेश करेगा और जहां तक यात्रा करेगा, उसी के अनुसार टोल का भुगतान करना होगा। टोल दरों और दूरी का अंतिम निर्धारण रिंग रोड के पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। एनएचएआइ के इंजीनियरों का मानना है कि रिंग रोड के शुरू होने से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों तक माल परिवहन भी तेज और सुगम होगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि नए साल में पैकेज-1 को वाहनों के आवागमन के लिए खोला जा सकता है, जिससे अलीगढ़-कानपुर हाईवे और चकेरी-इटावा हाईवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी।









