Kanwar Yatra 2026: गंगा स्नान के साथ शुरू होगी शिवभक्तों की यात्रा

कनीना से संवाद सहयोगी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र से हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे। इस अवसर पर श्रद्धाल
कनीना से संवाद सहयोगी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र से हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे। इस अवसर पर श्रद्धालु 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा की शुरुआत करेंगे, जिसमें वे हरिद्वार से गंगाजल लेकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए पैदल यात्रा करेंगे। बाघेश्वर धाम, जो कांवड़ चढ़ाने का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, वहां 11 अगस्त को विशाल कांवड़ मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में हजारों श्रद्धालु अपनी कांवड़ अर्पित करेंगे। श्रद्धालु लगभग 350 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी करके बाघेश्वर धाम पहुंचते हैं, जहां रास्ते में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर भी लगाए जाते हैं।
कनीना के श्रद्धालु सुमेर सिंह ने बताया कि उन्होंने अब तक 48 बार कांवड़ अर्पित की है। इस बार उनका दल एक अगस्त को हरिद्वार के लिए रवाना होगा, और तीन अगस्त को कांवड़ उठाने का कार्यक्रम है। उनका लक्ष्य है कि वे आठ अगस्त तक बाघेश्वर धाम पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और अनुशासन का भी प्रतीक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस यात्रा से न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरु ही व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के मार्ग पर ले जाते हैं। अरविंद जोशी ने बताया कि भगवान शिव को पहले गुरु के रूप में मान्यता प्राप्त है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन, गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। सावन माह में बाघेश्वर धाम के स्वयंभू शिवलिंग पर विशेष पूजन और हर सोमवार को मेले का आयोजन भी किया जाता है।









