Karnal News: डीआरपी एन्क्लेव के लोगों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक से पहले, डीआरपी एन्क्लेव सेक्टर-36 के निवासियों ने मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात की। इस मुलाकात में जितेंद्र सिंह और अमित
करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक से पहले, डीआरपी एन्क्लेव सेक्टर-36 के निवासियों ने मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात की। इस मुलाकात में जितेंद्र सिंह और अमित जैसे स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि उनकी लगाई गई आपत्तियों के आधार पर ही आगामी बैठक में सुनवाई की जाए। यह बैठक बुधवार को प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। निवासियों का आरोप है कि वर्ष 2010 में जब डीआरपी एन्क्लेव के प्लॉट बेचे गए थे, तब उन्हें 20, 30 और 40 फुट चौड़ी पक्की सड़कों और अन्य सुविधाओं के साथ प्रस्तुत किया गया था। यह जानकारी पंजीकृत दस्तावेजों में भी स्पष्ट रूप से दर्ज है। लेकिन अब कॉलोनाइजर ने अन्य परियोजनाओं का विकास करते हुए इन मार्गों को बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए यह मांग की है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे की कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। यह ज्ञापन डीआरपी एन्क्लेव के निवासियों की ओर से एकजुटता का प्रतीक है, जो अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने उपायुक्त से यह भी अनुरोध किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इस मामले में स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि निवासियों ने कई बार अपनी समस्याओं को उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उपायुक्त इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और क्या निवासियों की समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। स्थानीय निवासियों की उम्मीदें अब उपायुक्त के निर्णय पर टिकी हुई हैं, और वे चाहते हैं कि उनकी आवाज सुनी जाए। यह मामला न केवल डीआरपी एन्क्लेव के निवासियों के लिए, बल्कि पूरे करनाल जिले के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।









